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कोलकाता में पंकज त्रिपाठी ने परिवार के साथ मनाई दुर्गाष्टमी और दशहरा, बोले- यहां शहर की आत्मा महसूस होती है

मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने इस वर्ष दुर्गाष्टमी और दशहरा का पावन पर्व अपने परिवार के साथ कोलकाता में मनाया। कोलकाता उनकी पत्नी मृदुला त्रिपाठी का मायका भी है।

मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने इस वर्ष दुर्गाष्टमी और दशहरा का पावन पर्व अपने परिवार के साथ कोलकाता में मनाया। कोलकाता उनकी पत्नी मृदुला त्रिपाठी का मायका भी है।

पंकज अक्सर पत्नी के साथ कोलकाता आते रहे हैं, ताकि वह अपने ससुराल वालों के साथ समय बिता सकें और इस शहर की खासियत का आनंद ले सकें। इस बार त्योहारों के दौरान कोलकाता में रहने का मौका मिलने से उन्हें यहां की परंपराओं और उत्सवों को करीब से देखने का अवसर मिला।

कोलकाता में रहने के अनुभव पर पंकज ने कहा, ''कोलकाता हमेशा से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। इस शहर से मेरा रिश्ता मृदुला और उनके परिवार के जरिए शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ यह शहर मेरे लिए सिर्फ ससुराल का शहर नहीं रहा। यह एक ऐसी जगह बन गया है, जहां मुझे अपनापन महसूस होता है, जहां मेरी कई खूबसूरत यादें जुड़ी हैं और जहां मैं हमेशा वापस आना चाहता हूं।”

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के अभिनेता ने बताया कि लोग उन्हें प्यार से 'कोलकाता का दामाद' कहते हैं।

उन्होंने कहा, ''मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे इस शहर से इतना प्यार मिला है। खासकर दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में एक अलग ही जादू देखने को मिलता है। लोगों की भक्ति, उत्साह, खूबसूरत पंडाल, परंपराएं और मां दुर्गा के स्वागत का तरीका वास्तव में अद्भुत है। इस समय आप इस शहर की आत्मा को महसूस कर सकते हैं।''

पंकज ने यह भी कहा कि वह हमेशा से बंगाली संस्कृति और उसकी समृद्ध परंपराओं के प्रशंसक रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''परिवार के साथ दुर्गाष्टमी मनाने से यह अवसर और भी खास हो गया है। इस साल की बात इसलिए भी अलग है, क्योंकि हम परिवार के रूप में लंबे समय बाद कोलकाता में दशहरा मना रहे हैं। त्योहार हमें अपनी व्यस्त जिंदगी से थोड़ा रुकने, परिवार के साथ समय बिताने और उन चीजों से दोबारा जुड़ने का मौका देते हैं जो वास्तव में मायने रखती हैं।''

उन्होंने यह भी कहा कि पेशेवर जिम्मेदारियों और व्यस्त दिनचर्या के बीच परिवार के साथ बिताए गए ये पल बहुत कीमती होते हैं। मुझे खुशी है कि इस साल हम कोलकाता आ सके, दुर्गाष्टमी और दशहरा साथ में मना सके और एक बार फिर इस खूबसूरत शहर की गर्मजोशी और सुंदरता को महसूस कर सके।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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