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फरहान अख्तर ने बताया अपना फिल्मी सफर, बोले- 'निर्देशन की खुशी से अलग था अभिनय से मिला सुख'

मुंबई, 18 जून (आईएएनएस)। अभिनेता, निर्देशक और निर्माता फरहान अख्तर ने करियर की शुरुआत निर्देशन से की थी और लंबे समय तक कैमरे के पीछे काम किया, लेकिन धीरे-धीरे कुछ ऐसे मौके मिले, जिन्होंने उन्हें कैमरे के सामने आने के लिए प्रेरित किया। आज वह न सिर्फ एक सफल निर्देशक के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि एक मजबूत अभिनेता के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने इसी सफर और अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है।
फरहान अख्तर ने बताया अपना फिल्मी सफर, बोले- 'निर्देशन की खुशी से अलग था अभिनय से मिला सुख'

मुंबई, 18 जून (आईएएनएस)। अभिनेता, निर्देशक और निर्माता फरहान अख्तर ने करियर की शुरुआत निर्देशन से की थी और लंबे समय तक कैमरे के पीछे काम किया, लेकिन धीरे-धीरे कुछ ऐसे मौके मिले, जिन्होंने उन्हें कैमरे के सामने आने के लिए प्रेरित किया। आज वह न सिर्फ एक सफल निर्देशक के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि एक मजबूत अभिनेता के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने इसी सफर और अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है।

आईएएनएस से बात करते हुए फरहान अख्तर ने कहा, ''मेरा अभिनय की तरफ झुकाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह धीरे-धीरे कई अनुभवों का नतीजा था। शुरुआत में मैं खुद को एक निर्देशक के रूप में ही देखता था, लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स ने मेरी सोच बदल दी। मैंने पहली बार अभिनय किया तो मुझे एहसास हुआ कि कैमरे के सामने काम करने का अनुभव बिल्कुल अलग होता है और उसमें एक नई तरह की क्रिएटिविटी छिपी होती है। यही अनुभव आगे चलकर मेरे करियर का अहम मोड़ बन गया।''

फरहान ने अपने शुरुआती अभिनय अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा, ''मेरे एक दोस्त आनंद सूरापुर फिल्म 'द फकीर ऑफ वेनिस' बना रहे थे। इस फिल्म के लिए वह चाहते थे कि मैं इसमें लीड रोल निभाऊं। शुरुआत में यह मेरे लिए एक नया एक्सपेरिमेंट था, क्योंकि मैंने पहले कभी अभिनय नहीं किया था। लेकिन जब मैंने फिल्म में काम करना शुरू किया, तो मुझे मजा आने लगा। मैंने महसूस किया कि अभिनय मुझे एक अलग तरह की खुशी दे रहा है, जो निर्देशन से अलग थी।''

उन्होंने कहा, ''इसके बाद मेरी मुलाकात निर्देशक अभिषेक कपूर से हुई। इसी दौरान फिल्म 'रॉक ऑन' मिल गई। इस फिल्म ने मेरे करियर की दिशा ही बदल दी। इस फिल्म में काम करते हुए मुझे अभिनय की दुनिया को करीब से समझने का मौका मिला। फिल्म की कहानी, किरदार और म्यूजिक ने मुझे अभिनय के और करीब ला दिया। यह फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि एक ऐसा अनुभव था, जिसने मुझे आगे भी अभिनय जारी रखने के लिए प्रेरित किया।''

फरहान ने बताया, "रॉक ऑन के बाद मुझे समझ आया कि अभिनय में बहुत संभावनाएं हैं और मैं इसमें और बेहतर कर सकता हूं। इसी सोच के साथ मैंने आगे कई फिल्मों में काम किया, जिसमें 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', 'भाग मिल्खा भाग' और 'दिल धड़कने दो' जैसी फिल्में शामिल हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे किरदारों को दर्शकों ने काफी पसंद किया। हर फिल्म के साथ मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया और अभिनय मेरे करियर का एक मजबूत हिस्सा बन गया।"

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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