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रहमान ने दिवंगत गायकों की आवाज़ों को फिर से बनाने के लिए एआई के उपयोग पर स्पष्टीकरण दिया

मुंबई, 30 जनवरी (आईएएनएस)। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर. रहमान ने रजनीकांत अभिनीत फिल्म 'लाल सलाम' के गाने 'थिमिरी येझुदा' के लिए दिवंगत पार्श्व गायक बंबा बाक्या और शाहुल हमीद की आवाज फिर से बनाने के लिए एआई का उपयोग किया था। उन्होंने एआई टूल के उपयोग और गायक के परिवारों को मुआवजे के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है।
रहमान ने दिवंगत गायकों की आवाज़ों को फिर से बनाने के लिए एआई के उपयोग पर स्पष्टीकरण दिया

मुंबई, 30 जनवरी (आईएएनएस)। ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर. रहमान ने रजनीकांत अभिनीत फिल्म 'लाल सलाम' के गाने 'थिमिरी येझुदा' के लिए दिवंगत पार्श्व गायक बंबा बाक्या और शाहुल हमीद की आवाज फिर से बनाने के लिए एआई का उपयोग किया था। उन्होंने एआई टूल के उपयोग और गायक के परिवारों को मुआवजे के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है।

'रंग दे बसंती' फेम कंपोजर ने अपने एक्स अकाउंट पर अपने फॉलोअर्स के लिए एक नोट लिखा, जिन्होंने दिवंगत गायकों की आवाज़ को रि-क्रिएट करने के लिए एआई के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने सोनी म्यूजिक साउथ की पोस्ट साझा करते हुए बताया कि कैसे दिवंगत गायकों की आवाज को फिर से बनाने के लिए एआई टूल का इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने लिखा, "हमने उनके परिवारों से अनुमति ली। उनके वॉयस एल्गोरिदम का उपयोग करने के लिए उचित पारिश्रमिक भेजा... अगर हम इसका सही तरीके से उपयोग करें तो तकनीक से कोई खतरा या दिक्कत नहीं है।"

उन्होंने पोस्ट में रिस्पेक्ट और नॉस्टेलजिया हैशटैग को भी जोड़ा।

रहमान के साथ कई गानों में सहयोग करने वाले बंबा बाक्या का 2022 में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। शाहुल हमीद की 1997 में चेन्नई के पास एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

इंटरनेट पर कई यूजर्स ने एआई के उपयोग का समर्थन किया, यूजर्स के एक वर्ग ने इसे अपमानजनक भी कहा। उनका दावा था कि एआई पर ऐसी निर्भरता कई प्रतिभाओं के लिए अवसरों को कम कर देती है।

--आईएएनएस

एबीएम/

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