बकरी ईद पर अपनी पोस्ट में Swara Bhaskar ने शाकाहारी लोगों के लिए कह दी इतनी बड़ी बात, अब लोग सुना रहे खरी-खोटी
गॉसिप न्यूज़ डेस्क - स्वरा भास्कर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। कभी बॉलीवुड सितारों को लेकर एक्ट्रेस का विवादित बयान सामने आता है तो कभी स्वरा का नाम धार्मिक विवादों से भी जुड़ता है। इस बार स्वरा भास्कर पर शाकाहारी लोगों को बुरा-भला कहने का आरोप लग रहा है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में शाकाहारी खाने की तुलना मांसाहारी खाने से की है। जिसके बाद अब एक्ट्रेस को जमकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।
Saying meat-eating is the same as “killing plants” is like saying cannibalism is the same as eating a chicken.
— Sankrant Sanu सानु संक्रान्त ਸੰਕ੍ਰਾਂਤ ਸਾਨੁ (@sankrant) June 17, 2024
There is a spectrum. Mammals are high on the spectrum of feeling pain and emotions and are closer to humans.
You talk like an Islamic apologist. No surprise there.
दरअसल लोगों का आरोप है कि बकरीद के मौके पर स्वरा भास्कर मांसाहारी लोगों को सही ठहरा रही हैं और उल्टा शाकाहारी लोगों को ही कटघरे में खड़ा कर रही हैं। अब लोगों का गुस्सा स्वरा भास्कर पर भी फूटने लगा है। आइए यहां डालते हैं एक नजर। स्वरा ने ट्वीट में कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो... मुझे शाकाहारियों की खुद को सही साबित करने की सोच समझ में नहीं आती। आपका पूरा आहार बछड़ों को उनकी मां के दूध से वंचित करने, गायों को जबरन गर्भवती करने, फिर उन्हें उनके बच्चों से अलग करने और उनका दूध चुराने से बना है। क्या आप जड़ वाली सब्जियां खाते हैं? इससे पूरा पौधा नष्ट हो जाता है! कृपया आराम करें क्योंकि आज बकरीद है।'
You don’t have to sacrifice a cow or its calf to get milk! Shocking, right? Or perhaps this concept is too futuristic for some self-proclaimed intellectuals? Nowadays, cows and their calves are cared for with the highest standards, but it seems some folks are still stuck in the…
— Dr. Gaitonde (@PalashGoIndia) June 16, 2024
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘कुछ लोग जानबूझ कर बेवकूफी कर रहे हैं, पेड़ों में नर्वस सिस्टम नहीं होता है, इसलिए उन्हें दर्द महसूस नहीं होता। पौधों को खाने की तुलना कभी भी जीवित प्राणियों को मारने और खाने से नहीं की जा सकती।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘यह कहना कि मांस खाना और ‘पौधों को मारना’ एक ही बात है, पागलपन है। एक स्पेक्ट्रम है। जीवित प्राणी भी इंसानों की तरह ही दर्द और भावनाओं को महसूस करते हैं। आप एक इस्लामिक समर्थक की तरह बात करते हैं। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है।’

