'घुसखोर पंडत' पर एफडब्ल्यूआईसीई ने जताई आपत्ति, नीरज पांडे से टाइटल वापस लेने की अपील
मुंबई, 6 फरवरी (आईएएनएस)। मनोज बाजपेयी स्टारर अपकमिंग फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने नीरज पांडे की फिल्म के टाइटल पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अपमानजनक बताया।
एफडब्ल्यूआईसीई फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के 36 संबद्ध संघों के माध्यम से कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। फेडरेशन ने इस टाइटल को एक खास समुदाय और उनकी पारंपरिक आजीविका के प्रति अपमानजनक बताया है। एफडब्ल्यूआईसीई ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स काउंसिल, वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेजन, नेटफ्लिक्स, जी5, डिज्नी प्लस हॉटस्टार को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि 'घुसखोर पंडत' टाइटल भावनाओं को ठेस पहुंचाने, गलतफहमी फैलाने और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता रखता है। फेडरेशन का मानना है कि समाज में जाति, धर्म, पंथ या पेशे के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। हर पेशा सम्मान और गरिमा का हकदार है। फिल्म इंडस्ट्री अभिव्यक्ति की आजादी का माध्यम होने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाती है, इसलिए फिल्मों के टाइटल और कंटेंट में नफरत, अनादर या अशांति फैलाने वाली कोई बात नहीं होनी चाहिए।
एफडब्ल्यूआईसीई ने नीरज पांडे और उनके प्रोडक्शन हाउस फ्राइडे फिल्मवर्क्स से अपील की है कि वह सामाजिक सद्भाव और एकता के व्यापक हित में इस टाइटल को तुरंत वापस ले लें। साथ ही प्रोड्यूसर यूनिट से अनुरोध किया है कि ऐसे भड़काऊ या विवादास्पद टाइटल के रजिस्ट्रेशन या जारी रखने की अनुमति न दें।
पत्र में स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस मामले में तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो एफडब्ल्यूआईसीई अपने सभी संबद्ध संघों और सैकड़ों सदस्यों को निर्देश देगा कि वे नीरज पांडे या फ्राइडे फिल्मवर्क्स के किसी भी प्रोजेक्ट से दूरी बनाए रखें। एफडब्ल्यूआईसीई ने उम्मीद जताई है कि सभी संबंधित संस्थाएं इस मामले की गंभीरता को समझेंगी और इंडस्ट्री एवं समाज के हित में उचित कार्रवाई करेंगी।
--आईएएनएस
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