गजराज राव ने इरफान और मनोज बाजपेयी को बताया अपना मेंटर, अक्षय कुमार को लेकर भी बदली राय
मुंबई, 3 सितंबर (आईएएनएस)। एक्टर गजराज राव उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी मेहनत और एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में खास जगह बनाई। आज उनका नाम सुनते ही दर्शक एक मजबूत परफॉर्मेंस की उम्मीद करते हैं। हालांकि, गजराज खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं। उनका कहना है कि एक्टिंग की दुनिया में चाहे कोई कितना भी आगे निकल जाए, फिर भी कुछ ऐसे कलाकार होते हैं, जिन्हें देखकर वह खुद बेहतर करने की कोशिश करता है। उन्होंने उन एक्टर्स के नाम बताए, जिन्हें वह अपना मेंटर मानते हैं। इस लिस्ट में दिवंगत एक्टर इरफान और शानदार अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम सबसे खास है।
गजराज राव हाल ही में गोपाल दत्त के पॉडकास्ट 'पहला पहला' में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन से लेकर अब तक के एक्टिंग सफर को याद किया। उन्होंने कहा, ''दिल्ली के एक साधारण रेलवे क्वार्टर में पले-बढ़े होने से लेकर भारतीय सिनेमा के चेहरों में शामिल होने तक मेरा सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। फिल्मों से मेरा लगाव दिल्ली के कनॉट प्लेस के सिनेमाघरों से बढ़ा। फिल्मों को करीब से देखने और समझने के बाद धीरे-धीरे मेरा रुझान थिएटर की तरफ हुआ। थिएटर में मुझे काम करने का मौका मिला और देखते ही देखते यही सफर मेरे एक्टिंग करियर की नींव बन गया।''
अपने प्रेरणास्रोतों के बारे में बात करते हुए गजराज ने कहा, ''हर एक्टर को अपने मेंटर्स तलाशने चाहिए। मेरे कई मेंटर्स हैं, जिनमें दिवगंत अभिनेता इरफान और मनोज बाजपेयी शामिल हैं। मैं इन कलाकारों को देखता हूं और यह समझने की कोशिश करता हूं कि वे किस तरह काम करते हैं और अपने करियर को उन्होंने कैसे आगे बढ़ाया। मेरे लिए किसी बड़े कलाकार से सीखने का मतलब उनकी एक्टिंग के साथ-साथ उनके काम करने के तरीके और रवैये को समझना भी है।''
गजराज ने अनिल कपूर का जिक्र करते हुए कहा, ''अनिल कपूर ने 80 और 90 के दशक में खुद को जिस तरह बनाए रखा, वह काफी खास है। इतने सालों के बाद भी वह उसी एनर्जी के साथ काम करने और खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करते हैं। लंबे करियर के बावजूद लगातार काम करने की इच्छा और अपने काम को लेकर उत्साह बनाए रखना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि है।''
अक्षय कुमार के बारे में भी गजराज ने कहा, ''मैंने अक्षय के साथ 'जॉली एलएलबी 3' में काम किया और इस अनुभव के बाद मेरे नजरिए में काफी बदलाव आया। पहले मैं अक्षय के बारे में दूसरों से तरह-तरह की बातें सुना करता था और उन्हीं बातों को सच मान लेता था। हालांकि साथ काम करने के बाद मुझे पता चला कि अक्षय काफी अनुशासित इंसान हैं। वह लगातार काम करते रहते हैं और अपने काम को लेकर काफी सीरियस हैं।''
उन्होंने कहा, ''अक्षय एक साथ कई प्रोजेक्ट करते हैं और हो सकता है कि उनमें से कुछ फिल्में या काम दर्शकों को पसंद न आएं। लेकिन किसी काम का खराब हो जाना कोई अपराध नहीं है। किसी भी कलाकार के पास ऐसा कोई फॉर्मूला नहीं होता, जिससे उसका हर काम शानदार ही निकले। कोई भी कलाकार जानबूझकर खराब काम करने के लिए नहीं आता। हर कोई अपनी तरफ से अपना बेस्ट देने की कोशिश करता है।''
पॉडकास्ट में गजराज ने अपने शुरुआती दिनों और टीवीएफ के साथ अपने अनुभवों को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''शुरुआत में मुझे टीवीएफ को लेकर कुछ संदेह था, लेकिन बाद में यह सफर मेरे करियर का एक अहम हिस्सा बन गया। वन-लाइनर रोल देखने में भले ही छोटे लगते हों, लेकिन उन्हें निभाना काफी मुश्किल होता है। कलाकार को उस छोटी सी मौजूदगी में ही अपनी छाप छोड़नी होती है। कई बार ऐसा लगता है कि छोटा सा रोल ही वह नाव है, जो आपको आगे ले जाएगी। मेरे पास एक ऐसा रोल भी आया था, जिसमें मैंने अपना चेहरा तक नहीं दिखाया था। इसके बावजूद मैंने उन छोटे रोल को भी गंभीरता से लिया और धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।''
--आईएएनएस
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