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फराह और फरहान ने एक साथ सेलिब्रेट किया अपना जन्मदिन, जोया अख्तर ने पोस्ट किया वीडियो

मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। कोरियोग्राफर और फिल्मकार फराह खान शुक्रवार को 61वां जन्मदिन मना रही हैं, वहीं अभिनेता, निर्देशक और गायक फरहान अख्तर भी 52वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस खास मौके पर फिल्ममेकर जोया अख्तर ने दोनों के लिए एक भावनात्मक पोस्ट साझा किया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
फराह और फरहान ने एक साथ सेलिब्रेट किया अपना जन्मदिन, जोया अख्तर ने पोस्ट किया वीडियो

मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। कोरियोग्राफर और फिल्मकार फराह खान शुक्रवार को 61वां जन्मदिन मना रही हैं, वहीं अभिनेता, निर्देशक और गायक फरहान अख्तर भी 52वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। इस खास मौके पर फिल्ममेकर जोया अख्तर ने दोनों के लिए एक भावनात्मक पोस्ट साझा किया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

जोया अख्तर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर और एक वीडियो साझा किया। तस्वीर फराह खान और फरहान अख्तर के बचपन की है, जिसमें दोनों डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं वीडियो में फराह और फरहान एक साथ केक काटते नजर आ रहे हैं और एक-दूसरे को केक खिलाकर जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं।

पोस्ट के कैप्शन में जोया अख्तर ने लिखा, ''फराह का मतलब खुशी और फरहान का मतलब भी खुश रहना है, इन दोनों से बेहतर नाम किसी के नहीं हो सकते। जन्मदिन मुबारक हो फराह और फरहान।''

इस पोस्ट के कमेंट्स पर अभिनेत्री दिव्या दत्ता, अदिति राव हैदरी और हुमा कुरैशी ने हार्ट और हैप्पी इमोजी भेजे।

अगर फराह खान के करियर की बात करें तो उन्होंने भारतीय सिनेमा में कोरियोग्राफी को एक नई ऊंचाई दी। उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में 1,000 से भी ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी की। इसके अलावा, उन्होंने डायरेक्शन की दुनिया में किस्मत आजमाई और बतौर डायरेक्टर 'मैं हूं ना' फिल्म बनाई, जो सुपरहिट साबित हुई। उसके बाद 'ओम शांति ओम', 'तीस मार खां' और 'हैप्पी न्यू ईयर' जैसी फिल्में आईं, जिन्होंने उन्हें दर्शकों के बीच और मशहूर बना दिया।

वहीं फरहान अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत में 'लम्हे' (1991) और 'हिमालय पुत्र' (1997) में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। इसके बाद, उन्होंने 'दिल चाहता है' (2001) से अपने निर्देशन की शुरुआत की। इस फिल्म ने न केवल युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल की, बल्कि फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'लक्ष्य' (2004) और 'डॉन' (2006) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें उनकी रचनात्मकता और नई सोच साफ दिखाई देती थी। उन्होंने एक्टिंग में भी कदम रखा और 'रॉक ऑन!!' (2008) से अपने अभिनय का सफर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' (2011) और 'भाग मिल्खा भाग' (2013) जैसी फिल्मों में शानदार प्रदर्शन किया। इन फिल्मों ने उन्हें फिल्मफेयर और अन्य कई पुरस्कार दिलाए।

--आईएएनएस

पीके/एएस

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