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धीरे-धीरे तनाव बढ़ने लगा था, मुकेश ऋषि ने बताया सिंटा के सदस्यों ने आखिर क्यों दिया सामूहिक इस्तीफा?

मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) में चल रहे विवाद के बीच एग्जीक्यूटिव कमेटी के आठ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इस पहर अब अभिनेता मुकेश ऋषि ने अपनी बात रखी है। आईएएनएस से बात करते हुए मुकेश ऋषि ने कहा कि समय के साथ कमेटी के अंदर यह महसूस होने लगा था कि सभी लोग एक जैसी सोच के साथ आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) में चल रहे विवाद के बीच एग्जीक्यूटिव कमेटी के आठ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। इस पहर अब अभिनेता मुकेश ऋषि ने अपनी बात रखी है। आईएएनएस से बात करते हुए मुकेश ऋषि ने कहा कि समय के साथ कमेटी के अंदर यह महसूस होने लगा था कि सभी लोग एक जैसी सोच के साथ आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

आईएएनएस संग बातचीत में उन्होंने कहा, ''इच्छाशक्ति की कमी महसूस हो रही थी और कमेटी के भीतर जो कुछ हो रहा था, उससे यह लगने लगा था कि चीजें सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रही हैं। शुरुआत में सोच बिल्कुल अलग थी। कमेटी में यह भावना थी कि जो भी अभिनेता सिंटा के लिए योगदान देना चाहता है, वह आगे आ सकता है। अभिनेता की आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, वह कमेटी में आकर अपनी भूमिका निभा सकता था। अगर कोई व्यक्ति कमेटी तक पहुंचता था और काम में योगदान देना चाहता था तो उसके लिए रास्ता खुला था और व्यवस्था काफी सरल थी।''

उन्होंने कहा, ''समय बीतने के साथ स्थिति बदलती गई। कमेटी के भीतर धीरे-धीरे तनाव बढ़ने लगा और कई ऐसी बातें सामने आने लगीं, जो उन्हें और दूसरे सदस्यों को ठीक नहीं लगीं।''

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ''अगर किसी व्यक्ति को किसी पद से हटा दिया जाता था तो दूसरा व्यक्ति भी बिना किसी पद के रह जाता था। इस तरह की घटनाओं के कारण कमेटी के सदस्यों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर उन्हें आगे भी कमेटी में बने रहना चाहिए या फिर अलग हो जाना चाहिए।''

मुकेश ऋषि ने कहा, ''आखिरकार कई सदस्यों के बीच यह सहमति बनी कि सभी को साथ आकर एक ही बात पर सहमत होना चाहिए। यही संदेश और समझ उनके बीच बनी थी। इसके बाद सभी सदस्य मिले, स्थिति पर चर्चा की और सामूहिक रूप से इस्तीफे पर हस्ताक्षर किए। इस्तीफे के साथ अपने फैसले के कारण भी बताए गए थे, ताकि उनकी बात साफ तौर पर सामने आ सके।''

दरअसल, सिंटा में कथित तौर पर 11 सदस्यों के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद विवाद गहरा गया था। इनमें आठ सदस्य एग्जीक्यूटिव कमेटी के निर्वाचित सदस्य बताए गए। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या इन इस्तीफों के कारण सिंटा की पूरी एग्जीक्यूटिव कमेटी भंग हो गई है और अब संस्था का संचालन किस तरह होगा।

इस बीच सिंटा ने एग्जीक्यूटिव कमेटी के भंग होने की खबरों को सिरे से खारिज किया है। संस्था ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर कहा कि कुछ असंतुष्ट सदस्य भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी यूनियन पूरी तरह सक्रिय है और एग्जीक्यूटिव कमेटी के जरिए काम कर रही है।

विवाद में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) का नाम भी सामने आया। सिंटा का आरोप है कि एफडब्ल्यूआईसीई ने ऐसी दिशा-निर्देश जारी करने की कोशिश की है, जिसके लिए उसके पास सिंटा के संवैधानिक ढांचे के तहत अधिकार नहीं हैं। एक स्वतंत्र ट्रेड यूनियन के आंतरिक कामकाज और संविधान को बाहरी हस्तक्षेप से बदला नहीं जा सकता।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

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