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सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मिथुन चक्रवर्ती से उनके आवास पर की मुलाकात

कोलकाता, 16 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार को भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से मिलने उनके घर पहुंचे और उनका हाल जाना।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मिथुन चक्रवर्ती से उनके आवास पर की मुलाकात

कोलकाता, 16 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार को भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से मिलने उनके घर पहुंचे और उनका हाल जाना।

इस बात की जानकारी सीएमो कार्यालय से ओर से दी गई। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान अभिनेता को मां काली की प्रतिमा भेंट कीं। बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती और शुवेंदु अधिकारी दोनों की पश्चिम बंगाल में अच्छी लोकप्रियता है।

हालांकि, पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री ने रविंद्र भारती विश्वविद्यालय से इतिहास में मास्टर डिग्री प्राप्त कर जनसेवा को ही अपना परिवार मानते हुए आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया है।

1995 में कंथी नगरपालिका के पार्षद के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में काम किया और 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। सितंबर 2020 में मतभेदों के चलते वे टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

वहीं, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की भले ही पश्चिम बंगाल में अच्छी लोकप्रियता रही लेकिन उनका राजनीतिक सफर बहुत उतार-चढ़ाव भरा रहा है। फिल्मी दुनिया में अपने अभिनय का लोहा मनवाने के बाद अभिनेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निमंत्रण पर 2014 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।

पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा। हालांकि, शारदा चिट फंड घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने 2016 के अंत में राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। 7 मार्च 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मिथुन चक्रवर्ती भाजपा में शामिल हुए। बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल में अपना प्रमुख बंगाली चेहरा और स्टार प्रचारक बनाया। उनकी रैलियों में भारी भीड़ जुटी और उन्होंने पार्टी के लिए सघन प्रचार किया।

मिथुन चक्रवर्ती ने चुनावी राजनीति में कोई प्रशासनिक पद या चुनाव लड़ने के बजाय खुद को मुख्य रूप से पार्टी की विचारधारा का प्रचार करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने तक ही सीमित रखा है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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