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सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यक्रम में सितारों का जमावड़ा, लेट पेमेंट पर कलाकारों ने रखी राय

मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह और संस्थापक न्यासी मंडल के उद्घाटन समारोह में फिल्मी सितारों का जमावड़ा देखने को मिला।
सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यक्रम में सितारों का जमावड़ा, लेट पेमेंट पर कलाकारों ने रखी राय

मुंबई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह और संस्थापक न्यासी मंडल के उद्घाटन समारोह में फिल्मी सितारों का जमावड़ा देखने को मिला।

मंच से राजपाल यादव ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन को वो खिड़की बताया, जिससे उन्हें हिंदी सिनेमा में कदम रखने का मौका मिला। मंच से अभिनेता काफी भावुक नजर आए। इस मौके पर कुनिका लाल सदानंद, मुकेश ऋषि और उपासना सिंह भी पहुंचे।

आईएएनएस से खास बातचीत में उपासना सिंह ने कहा, "सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन हमेशा से कलाकारों के लिए काम करता आया है। हमेशा कोशिश रही है कि यह एसोसिएशन कलाकारों के हितों में काम करे और उनकी मुश्किलों को कम करने में मदद करे।"

दादा साहेब के नाम पर नए अवॉर्ड के आने के सवाल पर अभिनेत्री का कहना है कि लोग अवॉर्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं क्योंकि दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड तो एक ही है और बहुत किस्मत वालों को मिलता है। एक ही महान हस्ती के नाम पर अलग-अलग अवॉर्ड नहीं आने चाहिए।

एक्टर मुकेश ऋषि ने भी समारोह में शिरकत की। अभिनेता ने एक्टर्स की शिफ्ट को लेकर कहा कि शूटिंग अलग-अलग शिफ्टों में होती है, लेकिन कुछ कलाकारों को बहुत दूर से आना पड़ता है और खुद का साधन भी नहीं होता। ऐसे में डबल शिफ्ट की वजह से कुछ कलाकारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। ऐसे में हम इन परेशानियों का भी हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं।"

राजपाल यादव ने कहा कि दादा साहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव रखी और उसके बाद हिंदी सिनेमा में दिग्गज कलाकारों का जन्म हुआ, जिनके अभिनय को जन्म-जन्मांतर तक याद रखा जाएगा। जिन कलाकारों ने सिनेमा को 60 साल दिए हैं, उन्हें अपनी या अपने परिवार की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी देखभाल सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट करेगा।

उन्होंने पेमेंट मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि यह परेशानी सिर्फ सिनेमा में ही नहीं, बल्कि हर व्यापार में देखने को मिलती है। कुछ का काम समय पर निपट जाता है और कुछ के काम में देरी हो जाती है।

देरी से होने वाली पेमेंट पर एक्ट्रेस कुनिका लाल सदानंद का कहना है कि सिस्टम को बदल पाना बहुत मुश्किल है क्योंकि पहले कहा गया कि 45 से 90 दिन के भीतर पेमेंट जरूरी है, लेकिन प्रोड्यूसर को चैनल वाले लेट पेमेंट करते हैं और चैनल वालों को विज्ञापन से पैसा देरी से मिलता है, तो यह चीजें सिस्टम की तरह काम करती हैं, जिससे बदल पाना मुश्किल है।

--आईएएनएस

पीएस/एबीएम

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