Shashikala Birth Anniversary : निगेटिव रोल निभाकर मशहूर हुई शशिकला, इन दमदार किरदारों से इंडस्ट्री में जमाई अपनी धाक
मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - 70 के दशक की मशहूर अभिनेत्री शशिकला का जन्म आज ही के दिन यानी 4 जुलाई को हुआ था। उनका पूरा नाम शशिकला जावलकर है। वह एक मराठी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उन्होंने अपने अभिनय करियर में करीब 100 फिल्मों में काम किया। शशिकला को उनके नकारात्मक किरदारों के लिए जाना जाता है। वह कभी खुशी कभी गम और मुझसे शादी करोगी जैसी कई सफल फिल्मों और सोनपरी जैसे टीवी शो में नजर आ चुकी हैं। उनकी 92 वीं जयंती पर हम आपको ऐसी पांच फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है।

सुजाता (1959)
फिल्मकार बिमल रॉय की इस फिल्म में नूतन ने सुजाता का किरदार निभाया था। यह एक अनाथ लड़की की कहानी थी, जिसे एक उच्च जाति का परिवार गोद ले लेता है। इस फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। फिल्म में शशिकला ने सुजाता की सौतेली बहन रमा का किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था।

गुमराह (1963)
फिल्म में मीना (माला सिन्हा) राजेंद्र (सुनील दत्त) से प्यार करती है, लेकिन अशोक (अशोक कुमार) से शादी कर लेती है क्योंकि उसकी पत्नी और माला सिन्हा की ऑनस्क्रीन बहन कमला (निरूपा रॉय) की एक दुर्घटना में मौत हो जाती है। मीना को अपनी बहन के बच्चों की वजह से शादी करनी पड़ती है। फिल्म में शशिकला ने लीला का किरदार निभाया था, जो सुनील दत्त की पत्नी होने का नाटक करके माला सिन्हा को ब्लैकमेल करती है। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

राहगीर (1969)
तरुण मजूमदार की इस फिल्म में शशिकला की एक्टिंग की खूब तारीफ हुई थी। फिल्म में दमदार अभिनय के लिए शशिकला को बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन (BFJA) अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। यह फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी।

आरती
फिल्म की कहानी आरती (माला सिन्हा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक मेहनती डॉक्टर है, जिसकी शादी दीपक (प्रदीप कुमार) नाम के एक शख्स से होती है, जो उसकी जान बचाता है। फिल्म में शशिकला ने आरती की भाभी जसवंती का किरदार निभाया था, जो उससे दुश्मनी रखती है और उसे बहुत परेशान करती है। इस फिल्म के लिए उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर ट्रॉफी और बीएफजेए पुरस्कार मिला।

