Parveen Babi Death Anniversary: परवीन बाबी का दर्दनाक अंत देख सहम गया था पूरा देश, 3 दिन तक सड़ती रही थी लाश
मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - 22 जनवरी 2005 को मुंबई के जुहू में रिवेरा बिल्डिंग की 7वीं मंजिल पर अपार्टमेंट के दरवाजे के बाहर तीन दिनों से अखबार और दूध के पैकेट पड़े थे। दरवाजे पर कोई ताला नहीं था और पिछले तीन दिनों से अंदर से कोई बाहर नहीं आया था। जब पड़ोसी इकट्ठा हुए तो उन्हें शक हुआ। जब वे दरवाजे के पास गए तो सड़न की बदबू के कारण वे वहां ज्यादा देर तक नहीं रुक सके। पड़ोसियों ने पुलिस को फोन करके सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और फिर जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो उनके होश उड़ गए।

50 साल की उम्र में दर्दनाक मौत
अभिनेत्री परवीन बॉबी का शव बिस्तर पर पड़ा था। शव सड़ चुका था और कमरे में दुर्गंध आ रही थी। बिस्तर के पास एक व्हीलचेयर पड़ी थी। परवीन बॉबी की मौत उनके शव मिलने से तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। उनका कोई रिश्तेदार, कोई दोस्त और कोई भी उनके बारे में पूछताछ करने वाला नहीं था। 50 साल की उम्र में खूबसूरत परवीन बॉबी की सड़ी-गली लाश मिलने से पूरा देश सदमे में आ गया था।

परवीन सिजोफ्रेनिया से पीड़ित थीं
परवीन को पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया नामक लाइलाज बीमारी थी। इस बीमारी के कारण कभी उन्हें लगता था कि अमिताभ बच्चन उन्हें मारना चाहते हैं, तो कभी वह कहती थीं कि अमिताभ के लोगों ने उनका अपहरण कर लिया है। उन्हें भ्रम होता था कि लोग उन्हें मारना चाहते हैं या उनकी कार में बम है। कभी वह अचानक 6 साल के लिए सेट से गायब हो जाती थीं, तो कभी सेट पर हंगामा मचाती थीं। उनका व्यवहार इतना खराब हो गया था कि एक बार उन्हें न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया, बेड़ियों में बांधकर पागलखाने भेज दिया गया।

महेश भट्ट उनकी बीमारी का इलाज करवाना चाहते थे, लेकिन परवीन ने जिद करके उनसे दूरी बना ली। अकेले रहते-रहते परवीन की हालत खराब होती गई और आखिरकार वह अकेलेपन में ही मर गईं। जब कोई रिश्तेदार उनका शव लेने नहीं आया तो महेश भट्ट ने खुद उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ली, जिसमें महेश के साथ उनके दो पूर्व प्रेमी डैनी और कबीर बेदी भी शामिल हुए।

