Neeraj Vora Birthday Special : बेहतरीन एक्टर ही नहीं लेखन में भी माहिर है नीरज वोरा, इन फिल्मों से बॉलीवुड में बनाई पहचान
मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - नीरज वोरा बॉलीवुड की उन महान हस्तियों की सूची में शामिल थे, जिन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अलग-अलग विधाओं में काम कर खूब नाम कमाया। फिल्मी दुनिया का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जिसमें नीरज ने हाथ न आजमाया हो। उन्होंने पहले स्क्रिप्ट राइटर, फिर एक्टर और आखिरी दिनों में एक बेहतरीन निर्देशक के तौर पर काम किया। संगीतमय परिवार से ताल्लुक रखने वाले नीरज बचपन से ही उसी माहौल में पले-बढ़े। बड़े होते ही वे रंगमंच से जुड़ गए। नीरज एक ऐसे शख्स थे, जिन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
नीरज का जन्म 22 जनवरी 1963 को गुजरात के भुज में हुआ था। नीरज के पिता पंडित विनायक राय वोरा एक शास्त्रीय संगीतकार और तार शहनाई वादक थे। नीरज वोरा की मां प्रमिला बेन एक गृहिणी थीं। नीरज छोटे थे, जब उनके पिता उन्हें और उनकी मां को मुंबई ले आए। यहां उन्हें एक स्कूल में भारतीय शास्त्रीय संगीत शिक्षक की नौकरी मिल गई। नीरज वोरा ने अपने करियर की शुरुआत केतन मेहता की 1984 में आई फिल्म 'होली' से की थी। इसके बाद नीरज लगातार सफलता का स्वाद चखने लगे। इसके बाद उन्हें फिल्म 'रंगीला' में अभिनय करने का मौका मिला।

उस फिल्म की पटकथा खुद नीरज ने लिखी थी। फिल्म में अभिनेता की अनुपस्थिति में नीरज को काम करने का मौका मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। उनके काम को देखते हुए अनिल कपूर और प्रियदर्शन ने उन्हें फिल्म 'विरासत' के लिए अप्रोच किया।नीरज पहले भी अभिनय और लेखन में हाथ आजमा चुके थे। बाद में उन्होंने अक्षय कुमार की 'खिलाड़ी 420' से निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। इसके बाद 'फिर हेरा फेरी' के लिए सतीश कौशिक की जगह नीरज को इस फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी मिली। नीरज ने कई फिल्मों की पटकथा लिखी और पांच फिल्मों का निर्देशन किया।

नीरज वोरा को असली पहचान उनके अभिनय से मिली। दर्शकों को उनकी कॉमिक टाइमिंग काफी पसंद आई। नीरज हर रोल में खुद को ढाल लेते थे। उन्होंने 'विरासत', 'सत्या', 'मन', 'बादशाह', 'हैलो ब्रदर', 'धड़कन', 'कंपनी', 'बोल बच्चन' और 'वेलकम बैक' जैसी फिल्मों में काम किया। ये फिल्में आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इस अभिनेता ने बहुत जल्दी दुनिया को अलविदा कह दिया। लंबी बीमारी के चलते 54 साल की उम्र में नीरज इस दुनिया को छोड़कर चले गए।

