बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे दिखे अमिताभ बच्चन, एआईसीडब्ल्यूए ने देवेंद्र फडणवीस से मांगी फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा
मुंबई, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन दशकों से हर रविवार अपने घर के बाहर आने वाले फैंस से मिलते रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपने फैंस से मिलने की परंपरा नहीं छोड़ी। हालांकि, इस बार उनका 'रविवार दर्शन' पहले से काफी अलग रहा।
1 नवंबर को अमिताभ बच्चन मुंबई के जुहू स्थित अपने घर 'जलसा' के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे, लेकिन इस बार वह बुलेटप्रूफ शीशे से बने सुरक्षा घेरे के अंदर खड़े नजर आए। उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। अमिताभ की इस तस्वीर ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमिताभ बच्चन की तस्वीर शेयर करते हुए फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्मी हस्तियों को घर से लेकर शूटिंग सेट तक पुख्ता सुरक्षा देने की मांग की है। एसोसिएशन ने पोस्ट में लिखा कि अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे देखकर पूरा फिल्म जगत हिल गया है।
एआईसीडब्ल्यूए ने पोस्ट के टाइटल में लिखा, 'सपनों के शहर में डर: बॉलीवुड के महानायक अब बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे।' इसके साथ ही लिखा, 'बुलेटप्रूफ शीशा, लेकिन डर अब भी कायम : एआईसीडब्ल्यूए ने बॉलीवुड की सुरक्षा की मांग की।'
इसके बाद एसोसिएशन ने लिखा, ''एआईसीडब्ल्यूए माननीय मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए पूरी और पुख्ता सुरक्षा की मांग करता है। रविवार को भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन को बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से अपने फैंस से मिलते देखना पूरी फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर देने वाला था।''
उन्होंने आगे लिखा, ''चार दशकों से भी ज्यादा समय से अमिताभ बच्चन हर रविवार को जुहू स्थित अपने घर जलसा के बाहर अपने फैंस से मिलते रहे हैं। उनसे मिलने के लिए देश और विदेश से लोग आते हैं। उनके लिए अमिताभ की एक झलक पाना किसी सपने के सच होने जैसा है। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि मुंबई में उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए इस तरह के इंतजाम करने पड़ेंगे। यह घटना उनके घर से जुड़ी बम की धमकी और जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद सामने आई है। ये दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।''
एआईसीडब्ल्यूए ने पोस्ट में लिखा, ''लोगों ने अब तक बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना था। लेकिन अब उन्होंने एक सुपरस्टार को अपने घर से बाहर निकलकर बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे खड़े होकर उन लोगों से मिलते देखा है, जो उनसे प्यार करते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में यह तस्वीर हमेशा याद रखी जाएगी। देश में पहले कभी ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। बॉलीवुड ने पहले कभी गैंगस्टरों के इस स्तर के डर और आतंक के बीच काम नहीं किया है। मुंबई ने भी ऐसा दौर नहीं देखा है। साल 2026 में किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। आज फिल्मी हस्तियां अपने घरों से बाहर निकलने या शूटिंग पर जाने से भी हिचकिचाती हैं। अमिताभ बच्चन को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है और उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर निकलते हैं, अब अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े हैं।''
एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से सवाल करते हुए कहा, ''क्या बॉलीवुड को आज और भविष्य में भी डर के साए में जीना पड़ेगा? क्या फिल्मी हस्तियां पहले की तरह आजादी से घूम सकेंगी और खुले में शूटिंग कर सकेंगी? क्या उनके परिवार सुरक्षित हैं? क्या सरकार और मुंबई पुलिस फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के मन से यह डर खत्म कर पाएगी? ऐसे माहौल में लोग कैसे काम करेंगे, कुछ नया बनाएंगे और आजादी से सांस ले पाएंगे?रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई फिल्मी हस्तियों के घरों की रेकी की जा रही है। आशंका है कि कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है। अगर यह डर जारी रहा तो बॉलीवुड पर ताला लग जाएगा और यहां काम करने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों की तलाश करनी पड़ेगी।''
एआईसीडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से फिल्मी हस्तियों के घरों और शूटिंग सेट पर सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है। उन्होंने गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की भी मांग की है। एआईसीडब्ल्यूए पूरी फिल्म इंडस्ट्री के साथ खड़ा है। भारतीय सिनेमा का घर मुंबई कभी भी डर के साए में नहीं रहना चाहिए।
एआईसीडब्ल्यूए की यह मांग ऐसे समय आई है, जब मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। 18 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। टाइगर उस समय फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। हमलावरों ने उनकी कार पर कई गोलियां चलाई थीं। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके कुछ दिन बाद 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। इस ईमेल में मेयर कार्यालय, अमिताभ बच्चन के घर जलसा और गायक दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट स्थल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच जलसा को निशाना बनाने की बात भी कही गई थी। इसके अलावा 31 अक्टूबर को एक स्कूल में ग्रेनेड हमले की धमकी का भी जिक्र था। ईमेल की जानकारी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं। जिन जगहों का नाम ईमेल में था, वहां सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच शुरू की थी।
--आईएएनएस
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