अयोध्या मामले के फैसले पर स्वरा भास्कर बोलीं- मैं बहुत दुखी थी, फुटेज में जाने मुस्लिम दोस्तों को मैसेज कर मांगी थी माफी
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अपने पुराने अनुभव साझा किए हैं। एक इंटरव्यू में स्वरा ने कहा कि उस फैसले के बाद वह काफी दुखी और परेशान थीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने अपने फोन में मौजूद मुस्लिम दोस्तों और परिचितों को मैसेज कर उनसे माफी मांगी थी। स्वरा भास्कर ने यह बात ‘द मिडनाइट आवर’ को दिए एक इंटरव्यू में कही। बातचीत के दौरान स्वरा और उनके पति फहाद अहमद ने अपनी लव स्टोरी और पहली मुलाकात से जुड़े किस्से भी साझा किए। दोनों ने बताया कि उनकी मुलाकात एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी।
प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी पहली मुलाकात
स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने इंटरव्यू में बताया कि उनकी पहली मुलाकात एक प्रोटेस्ट के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े कई कार्यक्रमों और गतिविधियों में साथ काम करने लगे।स्वरा ने बातचीत में फहाद के काम करने के तरीके का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फहाद का काम करने का तरीका उन्हें काफी पसंद आया और इसी दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ीं।
अयोध्या फैसले का किया जिक्र
इंटरव्यू के दौरान जब दोनों की साझा सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता की चर्चा हुई तो स्वरा ने 2019 के अयोध्या मामले के फैसले का जिक्र किया।स्वरा के मुताबिक, जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो वह बहुत दुखी थीं। उन्होंने कहा कि वह उस समय सोच रही थीं कि यह कैसा देश है और ऐसा फैसला कैसे आ सकता है।उन्होंने अपने उस समय के व्यक्तिगत अनुभव को बताते हुए कहा कि वह फैसले को लेकर काफी परेशान थीं। स्वरा ने कहा कि उन्हें वह फैसला गलत और अन्यायपूर्ण लगा था।
मुस्लिम संपर्कों को किया था मैसेज
स्वरा भास्कर ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपने फोनबुक में मौजूद मुस्लिम लोगों को मैसेज किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान से लेकर फहाद अहमद तक को मैसेज किया था।स्वरा के अनुसार, उनका मकसद उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना और माफी की भावना व्यक्त करना था। उन्होंने इंटरव्यू में अपने उस समय के भावनात्मक अनुभव के बारे में विस्तार से बात की।
2019 में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था और मस्जिद के लिए अयोध्या में पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया था।स्वरा भास्कर ने अब इंटरव्यू में उस समय की अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उनका बयान उनके और फहाद अहमद की निजी और सामाजिक यात्रा पर हुई बातचीत के दौरान सामने आया। इंटरव्यू में दोनों ने अपनी मुलाकात, साथ काम करने और रिश्ते की शुरुआत से जुड़े कई पहलुओं पर भी चर्चा की।

