शंकर महादेवन बोले- अब हर कलाकार अपनी पहचान बना सकता है, वीडियो में देखे सोशल मीडिया ने बदल दिया संगीत का दौर
सिंगिंग रियलिटी शो ‘सारे गा मा पा’ का नया सीजन 19 सितंबर 2026 से जी टीवी पर शुरू हो चुका है। इस सीजन में मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन जज की भूमिका निभा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सिंगर्स शो के मंच पर अपनी आवाज और प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी दौरान शंकर महादेवन ने संगीत की बदलती दुनिया, नए टैलेंट, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अपनी राय साझा की।शंकर महादेवन का कहना है कि किसी कलाकार की पहचान सिर्फ उसकी तकनीकी क्षमता या सुरों की समझ से नहीं होती। एक अच्छे कलाकार की आवाज में वह खास एहसास होना भी जरूरी है, जो सुनने वाले के दिल तक पहुंच सके।
आवाज में महसूस होना चाहिए खास एहसास
शंकर महादेवन ने नए सिंगर्स की प्रतिभा पर बात करते हुए कहा कि संगीत में केवल सही सुर लगाना ही पर्याप्त नहीं है। किसी गायक की आवाज में उसकी अपनी पहचान और भावनाएं भी महसूस होनी चाहिए।उनके मुताबिक, जब कोई कलाकार पूरे एहसास के साथ गाता है तो उसकी आवाज सीधे श्रोताओं से जुड़ती है। यही कनेक्शन एक गायक को बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिला सकता है।
अपने शुरुआती दिनों को किया याद
शंकर महादेवन ने नए कलाकारों को लेकर अपने शुरुआती दिनों की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस दौर में किसी नए सिंगर के लिए पहचान बनाना आसान नहीं था। कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सीमित मंच मिलते थे और इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती थी।इसी दौरान उन्होंने अरिजीत सिंह से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने नए कलाकारों की प्रतिभा और मेहनत को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज के दौर में कलाकारों के पास अपनी पहचान बनाने के कहीं ज्यादा मौके हैं।
अब हर कलाकार अपनी अलग पहचान बना सकता है
शंकर महादेवन ने कहा कि वह समय अब पीछे छूट चुका है, जब लगभग हर गायक का सबसे बड़ा सपना सिर्फ फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगर बनना होता था। आज संगीत की दुनिया काफी बदल चुकी है।उनके मुताबिक, अब कोई भी कलाकार अपनी अलग पहचान बना सकता है। सोशल मीडिया ने कलाकारों को ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है, जहां वे सीधे अपने श्रोताओं और फैंस तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि कलाकार को शुरुआत में ही किसी बड़ी फिल्म या म्यूजिक कंपनी का हिस्सा बनने का मौका मिले।
सोशल मीडिया ने बदला कलाकारों का सफर
शंकर महादेवन के अनुसार सोशल मीडिया आज कलाकारों के लिए बेहद बड़ा माध्यम बन चुका है। सिंगर अपने गाने और परफॉर्मेंस सीधे दर्शकों तक पहुंचा सकते हैं और वहीं से अपनी ऑडियंस तैयार कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि यह संगीत की दुनिया का बिल्कुल अलग दौर है, जहां टैलेंट के साथ-साथ कलाकार की अपनी पहचान और दर्शकों से सीधा जुड़ाव भी महत्वपूर्ण हो गया है।
AI के दौर में भी इंसानी एहसास जरूरी
बढ़ते AI इस्तेमाल के बीच शंकर महादेवन ने संगीत में इंसानी भावनाओं की अहमियत पर भी जोर दिया। तकनीक कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है, लेकिन आवाज में मौजूद वास्तविक एहसास और भावनात्मक जुड़ाव की अपनी अलग भूमिका है।‘सारे गा मा पा’ के नए सीजन में देशभर से आए सिंगर्स को मंच मिल रहा है। ऐसे में शंकर महादेवन की बातें नए कलाकारों के लिए खास मायने रखती हैं, क्योंकि शो का मंच उन्हें अपनी आवाज, शैली और अलग पहचान दर्शकों तक पहुंचाने का मौका दे रहा है।

