पाकिस्तानी क्लोदिंग ब्रांड पर आलिया भट्ट की AI तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर विवाद, फुटेज में जानें अलग अलग इवेंट्स से उठाई तस्वीरें
पाकिस्तानी क्लोदिंग ब्रांड ‘वजायशा ऑफिशियल’ एक बार फिर विवादों में आ गया है, इस बार बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट की तस्वीरों के कथित बिना अनुमति उपयोग को लेकर। ब्रांड ने सोशल मीडिया पर आलिया भट्ट की कुछ ऐसी तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिन्हें लेकर दावा किया जा रहा है कि ये AI और डिजिटल एडिटिंग के जरिए तैयार की गई हैं।
इन तस्वीरों में आलिया भट्ट एथनिक सिल्क कलेक्शन के परिधानों में नजर आ रही हैं, लेकिन जांच करने पर सामने आया है कि यह कोई आधिकारिक फोटोशूट नहीं है। बल्कि, आलिया भट्ट की पुरानी इवेंट तस्वीरों को एडिट कर उन्हें ब्रांड के कपड़ों पर सुपरइम्पोज किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब ब्रांड ने 16 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर एक कैरोसेल पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में आलिया भट्ट को गहरे लाल, टील और काले रंग के सिल्क सूट पहने हुए दिखाया गया। पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया था कि आलिया भट्ट को भी उनका “शीशा सिल्क कलेक्शन” पसंद है।
हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स और फैक्ट-चेक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये तस्वीरें असल में अलग-अलग इवेंट्स में ली गई पुरानी तस्वीरों का डिजिटल रूप से बदला हुआ संस्करण हैं, जिनमें AI तकनीक की मदद से कपड़ों को एडिट किया गया है।
इस तरह के कंटेंट को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इसे भ्रामक और बिना अनुमति सेलिब्रिटी इमेज के इस्तेमाल का मामला बताया है, जबकि कुछ ने इसे डिजिटल मार्केटिंग की नई तकनीक करार दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI जनरेटेड या एडिटेड तस्वीरों के इस्तेमाल में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, खासकर तब जब इसमें किसी सेलिब्रिटी की पहचान और ब्रांडिंग शामिल हो। बिना स्पष्ट अनुमति के इस तरह की सामग्री कानूनी और नैतिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े कर सकती है।
फिलहाल, इस पोस्ट को लेकर ब्रांड की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, और न ही आलिया भट्ट या उनकी टीम की ओर से कोई प्रतिक्रिया दी गई है। यह मामला एक बार फिर इस बात पर चर्चा को तेज कर रहा है कि डिजिटल और AI युग में सेलिब्रिटी इमेज और ब्रांड प्रमोशन की सीमाएं कहां तक होनी चाहिए।

