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कंगना रनोट ने कमल हासन के बयान का किया समर्थन, वीडियो में जाने एलन मस्क से बोलीं- यह बात चुभी होगी

कंगना रनोट ने कमल हासन के बयान का किया समर्थन, वीडियो में जाने एलन मस्क से बोलीं- यह बात चुभी होगी

भारत में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर एलन मस्क और भारतीय नेताओं के बीच शुरू हुई बहस में अब अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट भी शामिल हो गई हैं। कंगना ने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन करते हुए उनकी टिप्पणी की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कमल हासन की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एलन मस्क को संबोधित किया और लिखा, “ओह! यह तो चुभ गया होगा।” कंगना ने कमल हासन की बातों से सहमति जताते हुए लिखा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियां तय नहीं करनी चाहिए, चाहे वह भारत का हो या अमेरिका का। उन्होंने हासन के जवाब को अच्छा, सटीक और व्यंग्यात्मक बताया। कंगना की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब भारत में स्टारलिंक की व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी मंजूरियों को लेकर बहस तेज हो गई है। 

एलन मस्क ने भारतीय कारोबारियों पर उठाए सवाल

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू होने में हो रही देरी पर सवाल उठाए। मस्क ने आरोप लगाया कि भारत के कुछ प्रभावशाली कारोबारी स्टारलिंक की एंट्री में बाधा डाल रहे हैं, ताकि बाजार पर उनका दबदबा बना रहे।मस्क ने सोशल मीडिया पर यह भी सवाल किया कि क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भारत के असली ताकतवर व्यक्ति हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी कई वर्षों से भारतीय नियमों का पालन कर रही है। हालांकि, मस्क ने अपने आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। 

कमल हासन ने दिया था जवाब

मस्क की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कमल हासन ने कहा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियां तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारत को एक लोकतांत्रिक देश बताते हुए कहा कि देश का भविष्य यहां के लोग तय करेंगे।

हासन ने यह भी कहा कि भारत को सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए। हालांकि, सेवाएं ऐसी होनी चाहिए जो आम लोगों की पहुंच में हों और दूरदराज के इलाकों में भी किफायती इंटरनेट उपलब्ध करा सकें।उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, दूरसंचार नेटवर्क और स्पेक्ट्रम केवल व्यावसायिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि देश की रणनीतिक सुरक्षा से भी जुड़े हैं। इसलिए तकनीकी विकास के साथ सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन जरूरी है। 

सरकार ने भेदभाव के आरोपों को किया खारिज

स्टारलिंक की मंजूरी को लेकर उठे सवालों पर भारत सरकार ने कहा है कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए नियम निष्पक्ष हैं। सरकार के मुताबिक, स्टारलिंक सहित संबंधित कंपनियों को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी और स्पेक्ट्रम आवंटन जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।इस विवाद ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं, बाजार में प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय नीतियां तय करने के अधिकार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कंगना रनोट के कमल हासन के समर्थन में उतरने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और मनोरंजन जगत में भी चर्चा का विषय बन गया है।

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