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फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर को-पायलट ने किया हमला, वीडियो में देंखे 30 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान; यात्रियों ने बचाई जान

फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर को-पायलट ने किया हमला, वीडियो में देंखे 30 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान; यात्रियों ने बचाई जान

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में उस वक्त बड़ा संकट पैदा हो गया, जब विमान के कॉकपिट में ही को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 विमान में उस समय 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और महज करीब 30 सेकंड में विमान ने लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई खो दी।हालात बेहद गंभीर होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। इसके बाद यात्रियों ने अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने में मदद की। इसी दौरान विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्थिति संभाली और विमान को सुरक्षित तरीके से ताबुक में लैंड कराया।

कॉकपिट में हमले के बाद बिगड़े हालात

बताया गया कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद विमान का नियंत्रण प्रभावित हुआ और वह तेजी से नीचे आने लगा।महज 30 सेकंड के भीतर विमान ने करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई खो दी। इतनी तेजी से ऊंचाई कम होने के कारण विमान में बैठे यात्रियों के बीच भी हड़कंप मच गया। इसके बावजूद कैप्टन ने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी।गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। इसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान को संभालने का रास्ता साफ हुआ।

दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली कमान

इस मुश्किल स्थिति में विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर विमान की कमान संभाली और उसे सुरक्षित लैंडिंग के लिए लेकर गए।आखिरकार विमान को ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस तरह विमान में मौजूद सभी यात्रियों और क्रू को बड़ी दुर्घटना से बचा लिया गया।इस घटना ने विमान में आपात स्थिति के दौरान प्रशिक्षित क्रू और यात्रियों की भूमिका को भी सामने ला दिया। कॉकपिट के भीतर हुई घटना के बावजूद विमान को सुरक्षित जमीन तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति थी।

बॉलीवुड फिल्मों की आई याद

फ्लाईदुबई की इस घटना ने बॉलीवुड की उन फिल्मों की याद भी दिला दी, जिनमें विमान हाईजैक, कॉकपिट संकट और यात्रियों की जान बचाने की कहानियां दिखाई गई हैं। हिंदी सिनेमा में विमान से जुड़े संकट पर कई फिल्में बन चुकी हैं।इनमें ‘नीरजा’, ‘बेल बॉटम’, ‘योद्धा’, ‘कंधार’, ‘जमीन’, ‘हाईजैक’, ‘चोर निकल के भागा’, ‘रनवे 34’ और ‘फ्लाइट’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इनमें कुछ फिल्में वास्तविक घटनाओं से प्रेरित रही हैं, जबकि कुछ पूरी तरह काल्पनिक कहानियों पर आधारित हैं।

‘नीरजा’ में विमान के अंदर यात्रियों को बचाने की कोशिश को केंद्र में रखा गया था, जबकि ‘रनवे 34’ में पायलट और विमान के सामने आए गंभीर संकट की कहानी दिखाई गई। इसी तरह ‘योद्धा’ और ‘चोर निकल के भागा’ में भी विमान के भीतर पैदा हुए खतरे और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को कहानी का आधार बनाया गया।फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई घटना में भी कॉकपिट के भीतर अचानक पैदा हुए संकट के बावजूद पायलट, ऑफ-ड्यूटी पायलटों और यात्रियों की मदद से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। अटकलों को हटाकर तथ्य रखेंखबर में दोहराव कम करें

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