‘धुरंधर’ के लुल्ली डकैत ने खोले राज़, रणवीर सिंह के साथ इंटिमेट सीन करने से पहले किया था इनकार
रणवीर सिंह की स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज के 26 दिन बाद भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। एक्शन, सस्पेंस और दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म ने दर्शकों के बीच खास पहचान बना ली है। फिल्म में कई यादगार किरदार हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा ‘लुल्ली डकैत’ का किरदार, जिसने कहानी की शुरुआत में ही दर्शकों को चौंका दिया।
‘धुरंधर’ में लुल्ली डकैत का किरदार अभिनेता नसीम मुगल ने निभाया है। फिल्म के शुरुआती सीन में लुल्ली डकैत रणवीर सिंह के किरदार के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए दिखाई देता है, जहां वह न सिर्फ उनका शोषण करता है बल्कि एक बेहद असहज और संवेदनशील सीन भी फिल्माया गया है। यह सीन फिल्म की टोन सेट करता है और रणवीर सिंह के किरदार की मानसिक स्थिति को गहराई से दर्शाता है।
अब इस किरदार को लेकर नसीम मुगल ने एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया है। नसीम ने बताया कि जब उन्हें इस सीन के बारे में पहली बार बताया गया था, तो उन्होंने इसे करने से साफ इनकार कर दिया था। उनके मुताबिक, यह सीन न सिर्फ चुनौतीपूर्ण था बल्कि एक कलाकार के तौर पर उनके लिए मानसिक रूप से भी काफी मुश्किल था।
नसीम मुगल ने कहा, “जब मुझे बताया गया कि मुझे रणवीर सिंह के किरदार के साथ ऐसा सीन करना है, तो मैं असहज हो गया। मैंने निर्देशक से कहा कि मैं यह सीन नहीं कर पाऊंगा। मुझे डर था कि लोग इस किरदार को गलत नजरिए से देखेंगे और मेरी पहचान सिर्फ इसी सीन तक सीमित रह जाएगी।”
हालांकि बाद में निर्देशक और फिल्म की क्रिएटिव टीम ने उन्हें इस सीन की जरूरत और कहानी में इसके महत्व को समझाया। नसीम के अनुसार, उन्हें बताया गया कि यह दृश्य किसी तरह की सनसनी फैलाने के लिए नहीं, बल्कि कहानी की गंभीरता और रणवीर के किरदार के दर्द को दर्शाने के लिए जरूरी है।
नसीम ने आगे कहा, “जब मुझे यह समझ आया कि यह सीन कहानी को आगे बढ़ाने और किरदार की गहराई दिखाने के लिए है, तब मैंने इसे करने का फैसला किया। रणवीर सिंह ने भी शूटिंग के दौरान मुझे पूरा सहयोग दिया और सेट पर माहौल पूरी तरह प्रोफेशनल रहा।”
फिल्म रिलीज होने के बाद नसीम मुगल के अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है। दर्शकों और समीक्षकों का मानना है कि उन्होंने नकारात्मक किरदार को पूरी ईमानदारी और प्रभावशाली तरीके से निभाया है। हालांकि यह किरदार नफरत पैदा करता है, लेकिन अभिनय के लिहाज से इसे फिल्म का अहम स्तंभ माना जा रहा है।
वहीं, रणवीर सिंह की भी इस सीन को लेकर तारीफ हो रही है कि उन्होंने इतनी संवेदनशील परिस्थिति को बेहद गंभीरता और परिपक्वता के साथ निभाया। फिल्म ने यह भी साबित किया है कि हिंदी सिनेमा अब मुश्किल और असहज विषयों को भी बिना झिझक पर्दे पर उतारने लगा है।

