CBFC डेटा लीक: 500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होने का दावा, वीडियो में जाने स्क्रिप्ट और सेंसर कट ऑर्डर भी शामिल
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ा डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 500 से ज्यादा फिल्मों के सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड और उनसे जुड़े संवेदनशील दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध थे। इनमें शूटिंग स्क्रिप्ट, सेंसर बोर्ड के कट ऑर्डर, डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस से संबंधित जानकारियां शामिल होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद CBFC ने जांच कराने और अपने ऑनलाइन पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट करने की बात कही है।‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, लीक से जुड़ी जानकारी में फिल्मों के प्रमाणन और कारोबारी समझौतों से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिल्में खुद लीक नहीं हुई हैं, बल्कि उनसे जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज प्रभावित होने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, CBFC के ऑनलाइन पोर्टल से 500 से ज्यादा फिल्मों के रिकॉर्ड साने आने की बात कही गई है। इन दस्तावेजों में फिल्मों के सर्टिफिकेशन से संबंधित रिकॉर्ड के अलावा शूटिंग स्क्रिप्ट और सेंसर बोर्ड की ओर से दिए गए कट ऑर्डर भी शामिल बताए गए हैं।फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान निर्माताओं और संबंधित पक्षों को कई तरह के दस्तावेजजमा करने होते हैं। इनमें फिल्म की सामग्री, प्रमाणन से जुड़े विवरण और अन्य जरूरी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे दस्तावेजों का अनधिकृत रूप से उपलब्ध होना फिल्म निर्माताओं और प्रोडक्शन कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट और कारोबारी शर्तें भी शामिल
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑनलाइन उपलब्ध दस्तावेजों में कुछ फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी शामिल थे। इसके अलावा, कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस और कारोबारी शर्तों से जुड़ी जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है।इस तरह के दस्तावेज फिल्म निर्माताओं, वितरकों और अन्य व्यावसायिक भागीदारों के बीच हुए समझौतों से संबंधित हो सकते हैं। यदि ऐसी जानकारी बिना अनुमति के सार्वजनिक हो जाए, तो संबंधित पक्षों की व्यावसायिक गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका रहती है।हालांकि, सभी प्रभावित दस्तावेजों की प्रकृति, उनकी संवेदनशीलता और संभावित नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CBFC कराएगा जांच और सिक्योरिटी ऑडिट
मामला सामने आने के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने जांच और ऑनलाइन पोर्टल के सुरक्षा ऑडिट की बात कही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि दस्तावेज किस तरह ऑनलाइन उपलब्ध हुए और क्या इसके पीछे तकनीकी खामी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी।सिक्योरिटी ऑडिट के जरिए पोर्टल की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि डेटा तक अनधिकृत पहुंच कैसे संभव हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन सुधारों की जरूरत है।
फिल्मों के लीक होने और दस्तावेज लीक होने में अंतर
इस पूरे मामले में फिल्मों के लीक होने और उनसे जुड़े दस्तावेजों के ऑनलाइन उपलब्ध होने के बीच अंतर समझना जरूरी है। फिलहाल सामने आई रिपोर्ट दस्तावेजों और रिकॉर्ड के लीक होने के दावे से संबंधित है, न कि 500 से ज्यादा फिल्मों के वीडियो ऑनलाइन लीक होने से।जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक के कारण, प्रभावित दस्तावेजों की वास्तविक संख्या और संभावित जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल CBFC के ऑनलाइन पोर्टल की सुरक्षा और फिल्म उद्योग के गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

