टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट: बिहार-हरियाणा के शूटर्स गिरफ्तार, अनिल पंडित ने तय किया था हमले का कॉन्ट्रैक्ट
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई में वारदात के बाद फरार हुए तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस हमले की साजिश किसने रची, शूटरों को किसने निर्देश दिए और अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी। इस मामले में अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है, जिस पर हमले का कॉन्ट्रैक्ट तय करने का आरोप बताया जा रहा है। हालांकि, साजिश में उसकी भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए तीनों संदिग्ध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, रेहान और फूल सिंह के रूप में बताई गई है। इनमें ऋतिक बिहार के बेगूसराय का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि रेहान और फूल सिंह हरियाणा के सोनीपत जिले से जुड़े बताए गए हैं। रिपोर्ट्स में एक आरोपी के नाबालिग होने की बात भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि फायरिंग की घटना के बाद तीनों मुंबई से ट्रेन में सवार होकर निकले थे। राजस्थान पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों ने कोटा में कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात से पहले की गतिविधियों, हमले के मकसद और कथित साजिश से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं।
टाइगर श्रॉफ की कार पर कैसे हुई फायरिंग?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई। बताया गया है कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद कार से लौट रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग की।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने देसी पिस्तौल से कई राउंड गोलियां चलाईं। घटना के दौरान टाइगर के ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी कैसे की और वारदात के बाद भागने की योजना किस तरह बनाई थी।
अनिल पंडित का नाम क्यों चर्चा में है?
इस मामले में अनिल पंडित का नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में उस पर हमले की साजिश से जुड़े होने और कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट तय करने का आरोप बताया गया है। रिपोर्ट्स में उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जोड़ा गया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना जरूरी है। इसलिए अनिल पंडित की कथित भूमिका को लेकर पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजे अहम होंगे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि गिरफ्तार आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं के बीच संपर्क के क्या सबूत हैं और क्या हमले के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था।
क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन है?
फायरिंग के बाद गैंग से जुड़े होने के दावे भी चर्चा में आए हैं। लेकिन किसी सोशल मीडिया पोस्ट या कथित जिम्मेदारी लेने के दावे को अपने आप में अपराध में शामिल होने का अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता। पुलिस को आरोपियों के बयान, डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच करनी होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का मकसद क्या था। क्या यह किसी धमकी या रंगदारी से जुड़ा मामला था, या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की खबर है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान, घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन से जुड़े सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है।अब गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हमले की योजना कब बनाई गई, आरोपियों को किसने संपर्क किया और उन्हें कथित तौर पर किस तरह की जिम्मेदारी दी गई थी।फिलहाल इस मामले में तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी सबसे बड़ा अपडेट है। अनिल पंडित की कथित भूमिका, हमले के पीछे की वजह और किसी गैंग से संभावित संबंध की पुष्टि जांच और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही होगी।

