अमिताभ बच्चन को पर्सनैलिटी राइट्स केस में खुद दिल्ली हाईकोर्ट में होना होगा पेश, वीडियो में जाने समझौता नहीं हुआ तो बढ़ेंगी कानूनी कार्यवाही
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को अपने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में आगे की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ सकता है। शुक्रवार को अदालत ने कहा कि यदि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं होता और अमिताभ बच्चन मुकदमा आगे जारी रखना चाहते हैं, तो अगली सुनवाई के दौरान उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्देश जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने दिया। अदालत ने अमिताभ बच्चन को कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौते से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं हो पाता है या वह अधूरा रहता है, तो मामले में आगे की कार्रवाई के लिए वादी को अदालत में स्वयं उपस्थित होना होगा।
समझौता नहीं हुआ तो व्यक्तिगत पेशी जरूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि एक या अधिक प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं होता और अमिताभ बच्चन किसी दावे या मुद्दे पर मुकदमा जारी रखना चाहते हैं, तो अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी आवश्यक होगी।अदालत का यह निर्देश मामले में आगे की सुनवाई और समझौते की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। फिलहाल अमिताभ बच्चन को समझौते से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिला है। यदि इस दौरान विवाद का समाधान नहीं निकलता है, तो उन्हें अदालत में उपस्थित होकर केस आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट करनी होगी।
क्या है अमिताभ बच्चन का पर्सनैलिटी राइट्स केस?
अमिताभ बच्चन ने अपने व्यक्तित्व और पहचान से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। उन्होंने अदालत से स्थायी रोक लगाने की मांग की थी, ताकि उनकी पहचान, नाम और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों का अनधिकृत इस्तेमाल रोका जा सके।पर्सनैलिटी राइट्स के तहत किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज, पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े दूसरे विशिष्ट पहलुओं के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अधिकारों का सवाल उठता है। खासकर प्रसिद्ध हस्तियों के मामले में इन अधिकारों का महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि उनकी पहचान का इस्तेमाल प्रचार, विज्ञापन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा सकता है।
अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
इस मामले में अब समझौते की प्रक्रिया अहम होगी। यदि अमिताभ बच्चन और संबंधित प्रतिवादियों के बीच समझौता हो जाता है, तो विवाद के कुछ हिस्सों का समाधान निकल सकता है। वहीं, समझौता नहीं होने की स्थिति में केस आगे बढ़ाने के लिए अदालत ने व्यक्तिगत पेशी की शर्त रखी है।हालांकि, अदालत के इस निर्देश का अर्थ यह नहीं है कि अमिताभ बच्चन के दावे पर अंतिम फैसला हो चुका है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और समझौते की स्थिति के आधार पर अगला कदम तय होगा।

