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बॉलीवुड के 'जग्गू दादा' ने महान अभिनेत्री सुचित्रा सेन को किया नमन

मुंबई, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के सुनहरे इतिहास में कुछ नाम ऐसे भी थे, जिन्होंने समय के साथ अपनी चमक को बरकरार रखा। अभिनेत्री सुचित्रा सेन की नाम उन्हीं अदाकाराओं में आता है। उनकी खूबसूरती, जबरदस्त अदाकारी और मजबूत व्यक्तित्व ने उन्हें अमर बना दिया है।
बॉलीवुड के 'जग्गू दादा' ने महान अभिनेत्री सुचित्रा सेन को किया नमन

मुंबई, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के सुनहरे इतिहास में कुछ नाम ऐसे भी थे, जिन्होंने समय के साथ अपनी चमक को बरकरार रखा। अभिनेत्री सुचित्रा सेन की नाम उन्हीं अदाकाराओं में आता है। उनकी खूबसूरती, जबरदस्त अदाकारी और मजबूत व्यक्तित्व ने उन्हें अमर बना दिया है।

सोमवार को अभिनेत्री की जन्मतिथि है। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अभिनेत्री की खास तस्वीर पोस्ट की। इसके अभिनेता ने लिखा, "सुचित्रा सेन जी की जन्मतिथि पर हम उन्हें याद करते हैं।"

बंगाली सिनेमा से अपने करियर की शुरूआत करने वाली अभिनेत्री सुचित्रा सेन का असली नाम रोमा दासगुप्ता था। अभिनेत्री ने शादी और एक बच्ची हो जाने के बाद सिनेमा की दुनिया में अपना करियर स्थापित किया था।

दरअसल, कम उम्र में ही सुचित्रा की शादी दीबानाथ सेन से हो गई थी। अभिनेत्री को बचपन से ही गानों का काफी शौक था। उनके इस शौक को देखते हुए पति दीबानाथ ने उन्हें फिल्मों में कदम रखने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनके भीतर छिपे कलाकार को पहचान मिली।

सुचित्रा सेन ने अपने करियर की शुरुआत बंगाली सिनेमा से की थी। हालांकि, उनकी पहली फिल्म 'शेष कोथाय' रिलीज नहीं हुई थी लेकिन 'चौत्तोर' दर्शकों के बीच अच्छी प्रसिद्धि दिलाई थी। इसी फिल्म में उनकी जोड़ी उत्तम कुमार के साथ बनी, जो आगे चलकर भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित जोड़ियों में गिनी जाने लगी। दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया था। वे 1963 में 'सात पाके बंधा' के लिए अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार (मास्को) जीतने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री थीं।

अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा में भी अपनी कला का जादू बिखेरा था। उन्होंने देवदास, आंधी और बंबई का बाबू जैसी फिल्मों में काम कर हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय की छाप छोड़ी थी। 1972 में पद्म श्री और 2012 में पश्चिम बंगाल सरकार का सर्वोच्च सम्मान 'बंगा बिभूषण' मिला। हालांकि, अभिनेत्री ने 1979 में सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह दूरी बना ली और 35 वर्षों तक किसी के सामने नहीं आईं। 17 जनवरी 2014 को कोलकाता में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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