'काला हिरण' विवाद: अभिनेता सोनू मिश्रा ने लीगल नोटिस फाड़ा, वीडियो में बोले- 'सच बोलना अपराध नहीं, मैं डरने वाला नहीं'
फिल्म 'काला हिरण' को लेकर जारी विवाद के बीच अभिनेता सोनू मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सोनू मिश्रा फिल्म के निर्माताओं की ओर से भेजे गए कथित लीगल नोटिस को फाड़ते हुए नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की कानूनी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और अपने बयान पर कायम हैं।
सोनू मिश्रा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि पिछले कुछ दिनों से 'काला हिरण' फिल्म को लेकर विवाद चल रहा है और उन्होंने मीडिया में अपनी बात रखी थी। उनके अनुसार, उसी बयान के बाद फिल्म के निर्माता अमित जानी की ओर से उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया।
वीडियो में सोनू मिश्रा कहते हैं, "मैंने मीडिया में सच बोला था और उसी वजह से मुझे लीगल नोटिस भेजा गया। क्या सच बोलना अपराध है? जो नोटिस मुझे भेजा गया है, वह मुझे लिखित धमकी जैसा लगता है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह का नोटिस उन्हें डराने का प्रयास है।
अभिनेता ने आगे कहा कि वह ऐसी कथित धमकियों से घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं हनुमान जी का भक्त हूं। छोटे से गांव से निकलकर मेहनत के दम पर मुंबई तक पहुंचा हूं। मैं किसी बड़े नाम का सहारा लेकर चर्चा में आने वालों में से नहीं हूं।"
विवाद और कानूनी प्रक्रिया
सोनू मिश्रा के इस वीडियो के बाद 'काला हिरण' विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, फिल्म के निर्माता अमित जानी की ओर से अभिनेता के नए आरोपों पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी लीगल नोटिस का उद्देश्य संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने या कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देना होता है। यदि किसी पक्ष को नोटिस पर आपत्ति है, तो वह उसका जवाब कानूनी माध्यम से दे सकता है। मामले में किसी भी पक्ष के आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल सोशल मीडिया पर सोनू मिश्रा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और फिल्म से जुड़ा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मामले में निर्माता पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या यह विवाद आगे कानूनी लड़ाई का रूप लेता है।

