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भारत में शुरुआती महीनों में हिंदी फिल्मों ने अच्छा कलेक्शन किया : गिरीश वानखड़े

मुंबई, 13 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखड़े ने आईएएनएस 2026 के पहले छह महीनों के बारे में बात की। उनके मुताबिक, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने धुरंधर द रिवेंज और बॉर्डर-2 की वजह से अच्छा बिजनेस किया है। साथ ही, उन्होंने स्पाइडर मैन और ओडेसी के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में भी बात की।

मुंबई, 13 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखड़े ने आईएएनएस 2026 के पहले छह महीनों के बारे में बात की। उनके मुताबिक, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने धुरंधर द रिवेंज और बॉर्डर-2 की वजह से अच्छा बिजनेस किया है। साथ ही, उन्होंने स्पाइडर मैन और ओडेसी के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में भी बात की।

उन्होंने बताया, "इस साल सिनेमा के लिए शुरुआत साल बहुत मजेदार रहा है। उसमें ज्यादा फिल्में हिट नहीं हुईं, लेकिन जो हुईं, उनके बॉक्स ऑफिस के नंबर काफी प्रभावशाली रहे हैं। पूरा देखा जाए, तो हमने 6 महीने में करीब 6400 करोड़ का बिजनेस किया है, जो कि बहुत मजेदार है। इसमें तीन फिल्मों का बहुत बड़ा योगदान है, जो हिंदी से हैं। उसमें सबसे बड़ा योगदान रहा है 'धुरंधर द रिवेंज,' 'बॉर्डर 2,' और फिर 'भूत बंगला'। इन तीन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस में ताबड़तोड़ कमाई की थी। फिर साउथ की फिल्मों ने अच्छा बिजनेस किया है, जिनमें 'पेड्डी' ने काफी अच्छा बिजनेस किया है।

उन्होंने आगे कहा, "देखा जाए, तो रीजनल फिल्में और हिंदी सिनेमा की फिल्मों ने अच्छा काम किया है। हमने एक्सपेटक्ट किया था कि हिंदी की 5-6 करेंगी, लेकिन भले ही कम फिल्मों ने प्रभाव डाला, लेकिन उन्होंने जबरदस्त कमाई की है। बाकी बैलेंस तमिल, तेलुगु की फिल्मों ने संभाल लिया है। हम कह सकते हैं कि कुल मिलाकर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अच्छा रहा है।"

गिरीश वानखड़े ने आगे बातचीत में स्पाइडर मैन और ओडिसी के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया, "'द ओडिसी' का क्रेज भारत में ज्यादा देखने को मिलता रहा है, क्योंकि क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों को हमेशा से ही भारत में पसंद किया जाता रहा है। ओपन आयरमैन अच्छा बिजनेस किया था। फिर इस बार तो क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' के विशेष प्रीमियर और प्रमोशन के लिए भारत (मुंबई) आए थे। उनके साथ अभिनेता टॉम हॉलैंड और मैट डेमन भी मौजूद थे। फिल्म ने भारत में अच्छा कलेक्शन किया था।"

उन्होने आगे बताया, "पहले हफ्ते फिल्म का बिजनेस 20 करोड़ था। दूसरी फिल्म स्पाइडर मैन ने अच्छा काम किया था। इस फ्रेंचाइजी की पसंद हमारे यहां पहले ही रही है। अब ये फिल्म एक दिन पहले यानी कि गुरुवार को रिलीज की गई थी। उस दिन हमारे यहां कलेक्शन 65 करोड़ हुआ था। दूसरे दिन 49 करोड़। अभी तक स्पाइडर मैन ने 438 करोड़ का बिजनेस किया है। अभी भी यह चल रही है। मुझे लगता है कि ये फिल्म 500 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। इसमें सबसे बड़ा कॉन्ट्रिब्यूशन हिंदी और अंग्रेजी दोनों का है। कहने का मतलब ये है कि हमारे दर्शकों को हॉलीवुड फिल्में बहुत पसंद हैं अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाओं में फिल्म अच्छी कमाई कर रही है। हालांकि, तमिल, मलयालम का कलेक्शन कम देखने को मिला है।"

उन्होंने बताया कि लोग हॉलीवुड फिल्मों से क्यों जुड़ते हैं, क्योंकि ये बहुत बड़ी फिल्में होती हैं और ओटीटी की वजह से हम हॉलीवुड फिल्मों के संपर्क में आए हैं, इसलिए भारतीय लोग इन फिल्मों से जुड़ गए हैं। उन्होंने टिकट प्राइसिंग विवाद के बारे में भी बात की, जहां साउथ में उन्होंने एक रेट बनाए रखा है और नॉर्थ में हमारी कीमतें ऊपर-नीचे होती रहती हैं क्योंकि वहां यूनियन मजबूत है और यहां हमारे पास ऐसी यूनियन नहीं है।

उन्होंने बताया, "साउथ और हमारे बीच यह फर्क है कि वहां पर और हमारे बीच टिकट का स्लैब है, यानी कि हम 110 रुपए या 120 रुपए टिकट प्राइज मनी नहीं रख सकते हैं क्योंकि नॉर्थ में वो लिबरिटी है। हम मल्टीप्लेक्सेस में 700 रुपए से लेकर 1200 रुपए तक की टिकट रख सकते हैं। रेगुलर शो में 112 की टिकट रख सकते हैं। वहां पर स्लैब अगर 180 का स्लैब है, तो 180 के ऊपर टिकट नहीं रख सकते हैं। उससे होता ये है कि वहां पर देखने वालों का फ्लो रहता है, वो इसलिए क्योंकि वो उनके लिए अफोर्डेबल है। इसलिए वहां की रेगुलर ऑक्यूपेंसी का परसेंटेज 70 के ऊपर रहता है, 80, 90 परसेंट जाता है क्योंकि वहां पर टिकट रेट सस्ते हैं और स्लैब है। हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है। यहां तो शुक्रवार, शनिवार और रविवार के अगर रात के शो हैं, तो वहां के टिकट प्राइज 500 रुपए से ऊपर तक पहुंचती है।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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