Ayushmann Khurrana Birthday: ट्रेन में गाने से लेकर बॉलीवुड स्टार बनने तक, ऐसा रहा आयुष्मान का संघर्ष
बॉलीवुड के प्रतिभाशाली अभिनेताओं में आयुष्मान खुराना का नाम खास तौर पर लिया जाता है। उन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों और दमदार अभिनय से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है। एक्टिंग के साथ-साथ वह सिंगिंग और होस्टिंग में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था।
आज यानी 14 सितंबर को आयुष्मान खुराना अपना जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने टीवी, रेडियो और रियलिटी शोज में काम किया। संघर्ष के दिनों में उन्हें मुंबई में रहने के लिए दोस्तों की मदद लेनी पड़ी और कई मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा।
कॉलेज में शुरू हुआ थिएटर का सफर
आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ में हुआ था। पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि अभिनय और संगीत में बढ़ने लगी थी। चंडीगढ़ के DAV कॉलेज में पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपने दोस्तों के साथ थिएटर ग्रुप शुरू किया और नाटकों में हिस्सा लिया।
इसी दौरान उनका मुंबई आना-जाना भी होता था। सफर के दौरान वह दोस्तों के साथ ट्रेन में गाने गाया करते थे। यही शौक आगे चलकर उनकी पहचान का एक अहम हिस्सा बना।
मुंबई पहुंचे तो दोस्तों ने दिया सहारा
करियर बनाने के लिए जब आयुष्मान मुंबई पहुंचे, तब उनके पास रहने की स्थायी जगह नहीं थी। ऐसे में दोस्तों ने उनका साथ दिया। शुरुआती दिनों में उन्हें कई तरह की परेशानियों के बीच रहना पड़ा।
बताया जाता है कि एक समय वह अपने दोस्त के घर भी ठहरे थे, जहां परिस्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि उन्हें दोस्त और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच ही रात गुजारनी पड़ी। इसके बाद वह दूसरे दोस्त के साथ मेडिकल हॉस्टल में रहने लगे। वहां उन्होंने अपनी पहचान छिपाकर खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताया था।
Roadies जीतकर मिली पहली बड़ी पहचान
आयुष्मान ने MTV Roadies के दूसरे सीजन में हिस्सा लिया और शो के विजेता बने। इस जीत ने उन्हें युवाओं के बीच पहचान दिलाई और मनोरंजन की दुनिया में उनके लिए नए रास्ते खोले।
इसके बाद उन्होंने टीवी पर भी काम किया। 'कयामत' और 'एक थी राजकुमारी' जैसे शोज में नजर आने के अलावा उन्होंने कई कार्यक्रमों की मेजबानी भी की।
RJ से लेकर बड़े टीवी शोज की होस्टिंग तक
आयुष्मान ने रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया। बाद में वह 'जस्ट डांस', 'म्यूजिक का महामुकाबला' और 'इंडियाज गॉट टैलेंट' जैसे चर्चित रियलिटी शोज को होस्ट करते दिखाई दिए।
इस तरह फिल्म इंडस्ट्री में बतौर अभिनेता शुरुआत करने से पहले ही आयुष्मान कैमरे के सामने काम करने का अच्छा अनुभव हासिल कर चुके थे।
एक्टिंग के साथ सिंगिंग में भी बनाया नाम
आयुष्मान सिर्फ अभिनेता ही नहीं बल्कि अच्छे गायक भी हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी और उनके गाने भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। 'पानी दा रंग', 'सादी गली आजा', 'मेरे लिए तुम काफी हो' और 'नैन ना जोड़ें' जैसे गानों ने उनकी सिंगिंग प्रतिभा को पहचान दिलाई।
ऑडिशन के दौरान भी झेला खराब अनुभव
आयुष्मान के संघर्ष में ऑडिशन के दौरान आए मुश्किल अनुभव भी शामिल रहे हैं। एक बार उन्होंने कास्टिंग डायरेक्टर से अकेले ऑडिशन देने की इच्छा जाहिर की थी। उनकी यह बात कास्टिंग डायरेक्टर को पसंद नहीं आई और उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया गया।
‘विकी डोनर’ से बदली किस्मत
आयुष्मान ने साल 2012 में ‘विकी डोनर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। पहली ही फिल्म में उनके अलग अंदाज और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद उन्होंने लगातार ऐसी फिल्मों का चुनाव किया जिनमें मनोरंजन के साथ सामाजिक मुद्दों को भी जगह मिली।
'दम लगा के हईशा', 'शुभ मंगल सावधान', 'अंधाधुन', 'बधाई हो', 'आर्टिकल 15', 'बाला' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
आज आयुष्मान खुराना बॉलीवुड के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, अलग सोच और लगातार प्रयोगों के दम पर इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बनाई है।

