Samachar Nama
×

एक्टर्स-टेक्नीशियनों की दिक्कतों पर सरकार का ध्यान, अरुण गोविल ने पीएम मोदी का जताया आभार

मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेता से सांसद बने अरुण गोविल ने फिल्म इंडस्ट्री के छोटे कलाकारों, सहायक कलाकारों और टेक्नीशियनों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।
एक्टर्स-टेक्नीशियनों की दिक्कतों पर सरकार का ध्यान, अरुण गोविल ने पीएम मोदी का जताया आभार

मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेता से सांसद बने अरुण गोविल ने फिल्म इंडस्ट्री के छोटे कलाकारों, सहायक कलाकारों और टेक्नीशियनों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज और सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरुण गोविल ने बताया कि वह इंडस्ट्री को अधिक समावेशी, कर्मचारी अनुकूल और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। छोटे कलाकारों और टेक्नीशियनों की आवाज संसद तक पहुंचाने की कोशिश भी लगातार कर रहे हैं।

अरुण गोविल ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया का दिल से धन्यवाद देता हूं। संसद में फिल्म इंडस्ट्री की चिंताओं को उठाने के बाद केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस पर गंभीरता से ध्यान दिया। मैं इस मुद्दे पर लगातार फॉलोअप कर रहा हूं।”

अरुण गोविल को इस कार्यक्रम में विशेष सम्मान भी दिया गया। साल 2024 में लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद से वह भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के हितों के लिए सक्रिय हैं। कार्यक्रम में पूनम ढिल्लों (सीआईएनटीए अध्यक्ष), मुकेश ऋषि, उपासना सिंह, बीएन. तिवारी और अशोक पंडित जैसी हस्तियां मौजूद रहीं।

एफडब्ल्यूआईसीई अध्यक्ष बीएन. तिवारी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि काम के घंटे, स्वास्थ्य-सुरक्षा और समय पर भुगतान जैसे सभी मुद्दों का समाधान होगा।”

पूनम ढिल्लों ने बताया, “हमने अरुण को इंडस्ट्री की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने पहले ही संसद में हमारे लिए आवाज उठाई है। टॉप स्टार्स को छोड़कर बाकी कलाकारों को बहुत दिक्कतें आती हैं। एक-दो दिन के रोल करने वाले कलाकारों को समय पर पेमेंट नहीं मिलता, काम के घंटे तय नहीं होते, और आवाज उठाने पर उन्हें आसानी से बदल दिया जाता है।”

पूनम ने सरकार से सख्त दिशानिर्देश बनाने की मांग की। उन्होंने कहा, “टॉप स्टार्स को ये समस्याएं नहीं झेलनी पड़तीं, लेकिन कई छोटे कलाकार और टेक्नीशियन रोज इसकी मार झेलते हैं। अगर वे विरोध करते हैं तो प्रोड्यूसर उन्हें तुरंत हटा देते हैं, इसलिए सरकार को सख्त गाइडलाइंस और पेनल्टी का प्रावधान करना चाहिए, ताकि सभी वर्कर्स के अधिकार सुरक्षित रहें।”

उपासना सिंह ने कहा, “इस कार्यक्रम ने एक्टर्स और टेक्नीशियनों को एक मंच पर लाकर अपनी बात रखने का मौका दिया। फेडरेशन और सीएडब्ल्यूटी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

फिल्ममेकर और आईएफटीडीए अधयक्ष अशोक पंडित ने बैठक की मुख्य बातें साझा करते हुए कहा, “अरुण गोविल को सम्मान देने के साथ ही इंडस्ट्री के सदस्यों ने अपनी चिंताएं रखीं और सवाल पूछे। उन्होंने हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया और बताया कि इन मुद्दों को कैसे हल किया जा सकता है। उनका प्रयास इंडस्ट्री को और बेहतर बनाने का है।”

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

Share this story

Tags