अभिनेता प्रकाश राज का SIR के खिलाफ कोच्चि में प्रदर्शन का ऐलान, बीजेपी नेता ने की UAPA के तहत कार्रवाई की मांग
फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर राजनीतिक मुद्दे को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई है। प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
अभिनेता ने छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से लोकतंत्र तथा मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वहीं, उनकी इस अपील पर BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केरल सरकार से प्रकाश राज को राज्य में प्रवेश नहीं देने और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
SIR के खिलाफ प्रकाश राज ने लोगों से जुटने की अपील की
प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने 7 नवंबर को कोच्चि में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोच्चि के जंतर-मंतर पर SIR के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। इस प्रदर्शन में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
प्रकाश राज ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील की। उनका कहना है कि लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से भी इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने किया पलटवार
प्रकाश राज के वीडियो संदेश के बाद BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने कोच्चि में होने वाले प्रदर्शन और CJP से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए।
हरिदास ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में CJP के कुछ नेताओं की फंडिंग को लेकर जानकारी सामने रखी थी। BJP प्रवक्ता के मुताबिक, एक नेता को अमेरिका की भारत-विरोधी ताकतों से और दूसरे को पाकिस्तान के नेताओं से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिली है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केरल सरकार को ऐसे लोगों का समर्थन करना चाहिए और क्या राज्य की पुलिस को उन्हें अशांति फैलाने की अनुमति देनी चाहिए। हरिदास ने केरल सरकार और पुलिस से प्रकाश राज को राज्य में प्रवेश नहीं देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने UAPA के तहत कार्रवाई की मांग भी की।
हालांकि, फंडिंग से जुड़े ये आरोप BJP प्रवक्ता के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।
क्या है SIR प्रक्रिया, जिस पर उठ रहे सवाल?
SIR का पूरा नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की विशेष गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची में दर्ज नामों और संबंधित जानकारियों का सत्यापन किया जाता है, ताकि सूची को अपडेट और व्यवस्थित किया जा सके।
इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सत्यापन के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटने का खतरा हो सकता है। इसी आशंका के चलते मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रद्द करने और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के उद्देश्य से इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन को लेकर हुआ था विवाद
कोच्चि में होने वाला प्रदर्शन ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है, जब CJP से जुड़े नेताओं ने इससे पहले दिल्ली में भी SIR के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की थी।CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति और जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने को लेकर विवाद हो गया था।
इस दौरान पार्टी के कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लहराने के मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया। दोनों करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे और 21 अक्टूबर को रिहा हुए।
अब कोच्चि में प्रदर्शन पर टिकी नजरें
दिल्ली में हुए विवाद के बाद अब CJP ने केरल के कोच्चि में प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है। प्रकाश राज की अपील के बाद इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।एक तरफ प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं, वहीं BJP प्रवक्ता ने प्रदर्शन और उससे जुड़े लोगों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे में 7 नवंबर को कोच्चि में होने वाला प्रदर्शन राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होते हैं और राज्य सरकार तथा पुलिस इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाती है।

