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एक्टर बहुत बहादुर होते हैं, कभी-कभी टूटा दिल भी चाहिए होता है : अनुपम खेर

मुंबई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता अनुपम खेर पिछले कई दशकों से मनोरंजन जगत में राज कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने एक अभिनेता की खूबियों पर चर्चा की। उनका कहना है कि एक एक्टर व्यक्ति के उन सभी भावनाओं को पर्दे पर उतारता है, जिसे लोग जल्दी बाहर नही लाते हैं।

मुंबई, 25 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता अनुपम खेर पिछले कई दशकों से मनोरंजन जगत में राज कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने एक अभिनेता की खूबियों पर चर्चा की। उनका कहना है कि एक एक्टर व्यक्ति के उन सभी भावनाओं को पर्दे पर उतारता है, जिसे लोग जल्दी बाहर नही लाते हैं।

अभिनेता अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर अपने कुछ शानदार किरदारों की तस्वीरें पोस्ट कीं। इसके साथ उन्होंने बताया कि एक एक्टर को बेशक अपनी कला के बदले नाम-शोहरत मिलती है, लेकिन एक्ट करते वक्त सिर्फ कलाकार की कला ही काम आती है।

उन्होंने लिखा, "एक अभिनेता का दिल और हुनर। अभिनेता बहुत ही नाजुक दिल के लोग होते हैं, जो अपनी उन भावनाओं को सभी के सामने लेकर आते हैं, जिन्हें लोग पूरी जिंदगी छिपाने की कोशिश करते हैं।

अभिनेता ने बताया कि व्यक्ति को अपनी पूरी जिंदगी में, गम, डर, जलन, प्यार, खुशी, असुरक्षा की भावनाओं को अपने अंदर ही ढूंढनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि एक अभिनेता बहुत बहादुर होते हैं। क्योंकि बेशक, एक्टिंग से शोहरत, पैसा और ऐशो आसाम मिलते हैं, लेकिन एक्ट करते वक्त जब कमैरा चेहरे के सामने आता है, तो इन आरामों में से कोई भी काम नहीं आता है। उसके लिए आपको हुनर और एक खास तरह का दिल भी चाहिए, कभी-कभी तो टूटा हुआ दिल भी चाहिए होता है।"

अभिनेता ने अपने करियर के शुरुआती दिनों की बात करते हुए कहा, "करियर के शुरुआती सालों में, तो मुझे लगता था कि मैं खुद को साबित करने की जल्दी में था। क्योंकि मैं मनोरंजन जगत में एक गॉडफादर के तौर पर आया था और मेरे पास बस नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ट्रेनिंग और आत्मविश्वास था। कहीं न कहीं मैं लगातार यही कह रहा था, "देखो मैं क्या कर सकता हूं. देखो मैं कितना अलग हो सकता हूं।"

अभिनेता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उनमें यही बदलाव आया है कि पहले से ज्यादा रिलैक्स हो गए हैं। उन्होंने लिखा, "मुझे अब दूसरों को इम्प्रेस करने की वैसी जरूरत महसूस नहीं होती। अब मुझे किरदार की अनिश्चितता में मजा आने लगा है, जैसे कि उसकी खामोशी, विरोधाभास, कमजोरियां, यहां तक कि उसकी बेवकूफियां भी। अब मैं खुद को और ज्यादा चैलेंज करता हूं, लेकिन अजीब बात यह है कि अब घबराहट बहुत कम होती है। शायद एक एक्टर के तौर पर उम्र बढ़ने की एक अच्छी बात यही है कि आप सभी को ये जताना बंद कर देते हैं कि आपको कितना पता है। यहां मेरे उस सफर के कुछ चेहरे हैं। हर एक ने मुझे एक्टिंग के बारे में कुछ नया सिखाया और मेरे बारे में भी, आनंद लें।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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