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आमिर खान की भांजी का पुलिस पर आरोप: प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लेने के बाद मारपीट, वीडियो जारी कर दिखाए निशान

आमिर खान की भांजी का पुलिस पर आरोप: प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लेने के बाद मारपीट, वीडियो जारी कर दिखाए निशान

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की भांजी जैन मैरी इन दिनों मुंबई में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद चर्चा में हैं। 8 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में जैन मैरी के साथ अभिनेता इमरान खान और लेखा वॉशिंगटन भी शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान तीनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। अब जैन मैरी ने एक वीडियो शेयर कर अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाए हैं और हिरासत के दौरान कथित तौर पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।जैन मैरी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो साझा किया। इसमें उनकी बांह, उंगलियों और पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में चोट के निशान दिखाते हुए उन्होंने कहा, “हमें इतना मत डराइए कि पहले से कोई डर ही बाकी न रहे।”

जैन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनकी जांघ पर नील के निशान दिखाई दिए। इसके साथ उन्होंने लिखा कि कुछ निशान उनकी कला के हैं और कुछ मुंबई पुलिस व राइट कंट्रोल अधिकारियों की कार्रवाई के। उन्होंने इस अनुभव को बेहद दर्दनाक बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह अपना काम और कराओके जारी रखेंगी।

इमरान खान और लेखा वॉशिंगटन भी हुए थे हिरासत में

जैन मैरी, इमरान खान और लेखा वॉशिंगटन को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। कुछ घंटे बाद तीनों को रिहा कर दिया गया। इसके अगले दिन इमरान खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।जैन मैरी ने सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह, लेखा और इमरान पुलिस से हिरासत में लिए जाने की वजह पूछते दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।

इमरान खान के खिलाफ BNS की पांच धाराओं में FIR

मुंबई पुलिस के मुताबिक, इमरान खान के खिलाफ दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की पांच धाराएं लगाई गई हैं। इनमें धारा 223, धारा 126(2), धारा 189(2), धारा 189(3) और धारा 189(5) शामिल हैं। ये धाराएं सरकारी आदेश की अवहेलना, गलत तरीके से रोकने और गैरकानूनी जमावड़े से संबंधित हैं।इस मामले में पुलिसकर्मी ही शिकायतकर्ता बने हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

लेखा वॉशिंगटन ने भी लगाए गंभीर आरोप

रिहाई के बाद लेखा वॉशिंगटन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर बताया कि वह सुरक्षित हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि घर लौटने के दौरान भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।लेखा के मुताबिक, वह कैब बुक नहीं कर पा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस कथित तौर पर उन ड्राइवरों को धमका रही थी, जो उन्हें वहां से ले जाने के लिए तैयार थे।वहीं, इमरान खान ने भी प्रदर्शनकारियों द्वारा साझा किए गए वीडियो में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके दावे के मुताबिक, उन्हें, लेखा और जैन को करीब दो घंटे तक पुलिस वैन में घुमाया गया और इस दौरान हिरासत में लेने की वजह नहीं बताई गई।

आखिर क्यों किया जा रहा था प्रदर्शन?

कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर मुंबई और दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए।

पुलिस ने क्यों लिया प्रदर्शनकारियों को हिरासत में?

मुंबई पुलिस के अनुसार, अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन या सभा आयोजित करने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। दूसरी ओर, CJP कार्यकर्ताओं का दावा था कि उन्होंने अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों को ईमेल भेजे थे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, 4,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। इनमें जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों से पकड़े गए लोग भी शामिल थे। कुछ CJP नेताओं और विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं।

फिलहाल, जैन मैरी के साझा किए गए वीडियो और उनके आरोपों के बाद यह मामला फिर चर्चा में है। एक तरफ प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस ने अनुमति के बिना प्रदर्शन किए जाने की बात कही है। हिरासत के दौरान चोट लगने के आरोपों और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई संबंधित साक्ष्यों और आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।

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