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आमिर खान को लॉरेंस गैंग से कथित धमकी, वीडियो में देंखे शादी को लेकर लेटर और ऑडियो नोट वायरल, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

आमिर खान को लॉरेंस गैंग से कथित धमकी, वीडियो में देंखे शादी को लेकर लेटर और ऑडियो नोट वायरल, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लेकर एक गंभीर खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुख्यात लॉरेंस गैंग की ओर से अभिनेता को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि गैंग ने एक पत्र और ऑडियो नोट जारी कर आमिर खान की हाल ही में हुई शादी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक मुंबई पुलिस या आमिर खान की टीम की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।

कथित पत्र और ऑडियो नोट हुए वायरल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर एक कथित पत्र और ऑडियो नोट सामने आया है। यह पत्र कथित रूप से आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई के नाम से जारी किया गया है, जिन्हें लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्र में आमिर खान की 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट से हुई शादी का उल्लेख करते हुए इसे "लव जिहाद" से जोड़ने का दावा किया गया है। साथ ही कथित तौर पर लिखा गया है कि जो लोग देश की संस्कृति के खिलाफ ऐसे मामलों को बढ़ावा देंगे, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें जवाब दिया जाएगा।

रिपोर्ट्स में किए गए हैं कई दावे

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कथित पत्र में देश और संस्कृति के नाम पर धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जो लोग ऐसे मामलों का समर्थन करेंगे, उन्हें भी गैंग की ओर से जवाब दिया जाएगा।हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने अब तक पत्र या ऑडियो नोट की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।

मुंबई पुलिस की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले पर मुंबई पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस कथित धमकी को लेकर कोई मामला दर्ज किया है या नहीं।वहीं, अभिनेता आमिर खान या उनकी टीम की ओर से भी इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल यह मामला मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित पत्र एवं ऑडियो नोट पर आधारित है। जब तक पुलिस या संबंधित जांच एजेंसियां इनकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करतीं, तब तक इन दावों को अंतिम रूप से सत्यापित नहीं माना जा सकता।यदि मामले में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज होती है या जांच एजेंसियां बयान जारी करती हैं, तो उसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी

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