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हिमेश रेशमिया : 500 गानों का खजाना लेकर पहुंचे बॉलीवुड, इसी प्लानिंग ने बनाया म्यूजिक का सुपरस्टार

मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे होते हैं, जो सफलता को किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ते, बल्कि उसकी तैयारी पहले से कर लेते हैं। मशहूर सिंगर, म्यूजिक डायरेक्टर और अभिनेता हिमेश रेशमिया भी ऐसे ही कलाकार हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, तब उनके पास पहले से ही सैकड़ों धुनें और गाने तैयार थे। यही दूर की सोच आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे होते हैं, जो सफलता को किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ते, बल्कि उसकी तैयारी पहले से कर लेते हैं। मशहूर सिंगर, म्यूजिक डायरेक्टर और अभिनेता हिमेश रेशमिया भी ऐसे ही कलाकार हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, तब उनके पास पहले से ही सैकड़ों धुनें और गाने तैयार थे। यही दूर की सोच आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

23 जुलाई 1973 को जन्मे हिमेश आज भारतीय संगीत जगत का बड़ा नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट गाने दिए हैं।

हिमेश रेशमिया के पिता विपिन रेशमिया जाने-माने संगीतकार थे। बचपन से ही घर में संगीत का माहौल था, इसलिए हिमेश की भी संगीत में दिलचस्पी बढ़ती गई। लेकिन, उन्होंने शुरुआत टीवी इंडस्ट्री से की। हिमेश ने 'अंदाज', 'अमन', 'आशिकी', 'अमर प्रेम' और 'जान' जैसे कई टीवी सीरियल प्रोड्यूस किए। इन सीरियल्स के टाइटल ट्रैक भी उन्होंने ही तैयार किए थे।

हिमेश के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब सलमान खान ने उनकी बनाई एक धुन सुनी। सलमान को उनका काम इतना पसंद आया कि उन्होंने अपनी फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' में संगीत देने का मौका दिया। साल 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म के 'प्यार किया तो डरना क्या' और 'तुम पर हम हैं अटके' जैसे गाने सुपरहिट रहे। इसके बाद हिमेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'बंधन', 'हैलो ब्रदर', 'दुल्हन हम ले जाएंगे', 'हमराज', 'तेरे नाम', 'ऐतराज' और 'मैंने प्यार क्यों किया' जैसी फिल्मों में संगीत देकर अपनी अलग पहचान बना ली।

हिमेश ने एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि वह इंडस्ट्री में करीब 500 गानों का स्टॉक लेकर आए थे। उनका मानना था कि अगर किसी संगीतकार के पास पहले से अच्छी धुनें तैयार हों, तो मौके मिलने पर वह तुरंत बेहतरीन काम दे सकता है। यही वजह थी कि शुरुआत में उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलते गए। जब उनके तैयार किए गए ज्यादातर गाने इस्तेमाल हो गए, तब उन्होंने करीब एक साल का ब्रेक लिया और फिर से लगभग 500 नई धुन तैयार कर लिए।

हिमेश ने साल 2005 में फिल्म 'आशिक बनाया आपने' के टाइटल ट्रैक से बतौर प्लेबैक सिंगर बड़ी शुरुआत की। यह गाना इतना बड़ा हिट हुआ कि वह रातोंरात स्टार बन गए। इसके बाद 'झलक दिखला जा', 'तेरा सुरूर', 'आशिक बनाया आपने', 'हुक्का बार' और कई दूसरे गानों ने उन्हें देश के सबसे लोकप्रिय गायकों में शामिल कर दिया। उनका एल्बम 'आप का सुरूर' भी जबरदस्त सफल रहा और लंबे समय तक लोगों की पसंद बना रहा। बाद में उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया। 'आप का सुरूर', 'द एक्सपोज', 'तेरा सुरूर' और 'बैडऐस रवि कुमार' जैसी फिल्मों में वह मुख्य भूमिका में नजर आए।

हिमेश ने 'सा रे गा मा पा', 'म्यूजिक का महामुकाबला' और दूसरे कई रियलिटी शोज में जज और मेंटर की भूमिका निभाई। उन्होंने कई नए गायकों को मौका दिया। रानू मंडल और बिहार के अमरजीत जयकर जैसे नए टैलेंट को भी उन्होंने अपने म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में गाने का अवसर दिया। हाल के वर्षों में उन्होंने अपना म्यूजिक लेबल 'हिमेश रेशमिया मेलोडीज' भी शुरू किया, जिसके जरिए नए गाने और कलाकार सामने आ रहे हैं।

पुरस्कारों की बात करें तो हिमेश रेशमिया को 'आशिक बनाया आपने' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड, आईफा अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड और कई दूसरे सम्मान मिले। संगीत निर्देशन के लिए भी उन्हें कई बड़े अवॉर्ड और नामांकन हासिल हुए।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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