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देशभर में SIR का तीसरा चरण शुरू: 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

देशभर में SIR का तीसरा चरण शुरू: 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

देश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का तीसरा चरण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस चरण के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना और सूची में मौजूद त्रुटियों को सुधारना है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस चरण की शुरुआत जुलाई के पहले सप्ताह से होगी और यह प्रक्रिया सितंबर तक जारी रहेगी। इसके बाद संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की आपत्तियां और सुधार दर्ज किए जा सकेंगे।

किन क्षेत्रों में होगा पुनरीक्षण?

इस तीसरे चरण में देश के 16 राज्यों के साथ-साथ 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में बूथ स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी भी प्रकार की फर्जी या दोहरी प्रविष्टि को हटाया जा सके। चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन इलाकों में अहम मानी जा रही है जहां पिछले वर्षों में जनसंख्या गतिशीलता अधिक रही है, जैसे शहरी क्षेत्र, प्रवासी आबादी वाले इलाके और तेजी से विकसित हो रहे कस्बे।

क्या है SIR प्रक्रिया?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की गहन समीक्षा की जाती है। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों की जानकारी सत्यापित करते हैं और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में नए 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाता है, जबकि मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।

ड्राफ्ट सूची और आपत्तियों का दौर

जुलाई से सितंबर के बीच तैयार होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची को सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि लोग उसमें अपने नाम की जांच कर सकें। यदि किसी व्यक्ति का नाम गलत दर्ज है या छूट गया है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। चुनाव आयोग इन आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करेगा, जो आगामी चुनावों में उपयोग की जाएगी।

डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर

इस बार SIR प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कई राज्यों में डिजिटल वेरिफिकेशन और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बन सके।

चुनाव आयोग की तैयारी

चुनाव आयोग ने इस बड़े अभियान के लिए बूथ लेवल अधिकारियों और जिला प्रशासन को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही, जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग लें और अपनी जानकारी सही तरीके से अपडेट करवा सकें।

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