Super TET 2026 का नया सिलेबस जारी, अब 120 सवालों का होगा पेपर; गलत जवाब पर कटेगा 1 अंक
उत्तर प्रदेश में Super TET 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राइमरी टीचर यानी कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के लिए नया सिलेबस और परीक्षा पैटर्न जारी कर दिया है।
इस बार Super TET के परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया गया है। नए पैटर्न के अनुसार परीक्षा में अब 150 की जगह 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। साथ ही इस बार परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। यानी गलत उत्तर देने पर उम्मीदवारों के अंक काटे जाएंगे।
ऐसे में जो उम्मीदवार इस साल Super TET 2026 में शामिल होने वाले हैं, उन्हें नए सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को ध्यान से समझकर उसी के अनुसार अपनी तैयारी शुरू करनी चाहिए।
2 घंटे का होगा Super TET पेपर
नए परीक्षा पैटर्न के मुताबिक Super TET 2026 की कुल अवधि 2 घंटे कर दी गई है। पेपर में कुल 120 सवाल होंगे और प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे।
वहीं गलत जवाब देने पर 1 अंक काटा जाएगा। इस तरह परीक्षा कुल 360 अंकों की होगी।
नेगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण उम्मीदवारों को इस बार प्रश्नों का उत्तर काफी सोच-समझकर देना होगा। बिना जानकारी के किसी सवाल पर अनुमान लगाना नुकसानदायक हो सकता है।
किस विषय से कितने सवाल और अंक?
Super TET 2026 में अलग-अलग विषयों से सवाल पूछे जाएंगे। जारी पैटर्न के अनुसार विषयवार अंक इस प्रकार हैं:
| विषय | अंक |
|---|---|
| सामान्य ज्ञान | 25 |
| तार्किक ज्ञान | 5 |
| हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी | 30 |
| विज्ञान | 8 |
| गणित | 16 |
| पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन | 8 |
| बाल मनोविज्ञान | 8 |
| सूचना तकनीकी | 4 |
| शिक्षण कौशल | 8 |
उम्मीदवारों को तैयारी करते समय उन विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिनसे ज्यादा अंक के सवाल पूछे जाने हैं। खासतौर पर भाषा और सामान्य ज्ञान के हिस्से परीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुराने पैटर्न से कितना बदला Super TET?
नए पैटर्न की तुलना अगर पुराने परीक्षा पैटर्न से करें तो इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
पहले Super TET में 150 प्रश्न पूछे जाते थे और पूरा पेपर 150 अंकों का होता था। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए ढाई घंटे यानी 150 मिनट का समय मिलता था।
सबसे बड़ा अंतर यह था कि पुराने पैटर्न में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती थी। यानी गलत जवाब देने पर उम्मीदवारों के अंक नहीं काटे जाते थे।
अब नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या घटाकर 120 कर दी गई है, परीक्षा की अवधि 2 घंटे कर दी गई है और गलत उत्तर के लिए 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है।
क्या होता है Super TET?
CTET और UPTET जैसी परीक्षाएं उम्मीदवारों की शिक्षक पात्रता निर्धारित करती हैं, जबकि Super TET शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी परीक्षा है।
आमतौर पर CTET या UPTET जैसी पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार ही Super TET जैसी भर्ती परीक्षा के लिए पात्र होते हैं। Super TET के प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट तैयार की जाती है और इसी प्रक्रिया के जरिए सरकारी शिक्षक भर्ती की जाती है।
इसलिए Super TET 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नए सिलेबस और बदले हुए परीक्षा पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है। खासकर 120 प्रश्न, 2 घंटे की समय सीमा और नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखते हुए अब उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के साथ-साथ टाइम मैनेजमेंट और सटीकता पर भी फोकस करना होगा।

