यूपी के युवाओं के लिए सरकार का बड़ा प्लान, रोजगार से लेकर स्टार्टअप तक इन योजनाओं पर फोकस
उत्तर प्रदेश में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने कई योजनाओं और कार्यक्रमों पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय जॉब क्रिएटर और इनोवेटर बनने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है। सरकार की योजनाओं में लोन पर ब्याज सब्सिडी, स्टार्टअप को आर्थिक मदद, मुफ्त टैबलेट, स्किल ट्रेनिंग, सरकारी नौकरी और छात्रवृत्ति जैसे प्रावधान शामिल हैं।
सीएम-युवा योजना में लोन पर ब्याज सब्सिडी
युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने और माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए यूथ ब्रिगेड स्कीम पर जोर दिया गया है। योजना के पहले चरण में 5 लाख रुपये तक के लोन पर चार साल तक 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की व्यवस्था बताई गई है।
वहीं दूसरे चरण में 10 से 20 लाख रुपये तक के लोन पर तीन साल तक 50 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है। योजना के लिए उम्र सीमा 21 से 40 वर्ष रखी गई है। सरकार का लक्ष्य हर साल करीब एक लाख माइक्रो एंटरप्राइज तैयार करना है।
यूपी स्टार्टअप पॉलिसी से युवाओं को बढ़ावा
स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2026 को आगे बढ़ाया जा रहा है। 27 अगस्त को स्टार्टअप मिशन पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटरों को 1.79 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
इसका उद्देश्य नए उद्यमियों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना और प्रदेश में स्टार्टअप का माहौल मजबूत करना है।
स्किल डेवलपमेंट का बजट बढ़ा
रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर भी सरकार का खास फोकस है। कौशल विकास का बजट बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये किए जाने की बात कही गई है। डिजिटल स्किल और ट्रेनिंग को मजबूत करने के लिए कौशल दिशा, दर्पण, दृष्टि कॉल सेंटर और चैटबोट समेत नए डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
25 लाख छात्रों को मुफ्त टैबलेट
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख युवाओं और छात्रों को मुफ्त टैबलेट देने की मंजूरी दी गई है। इस योजना पर 2,374.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई है।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल कंटेंट और नई तकनीक से जोड़ना है।
16 से 35 साल के युवाओं पर नई नीति का फोकस
सरकार ने एक नई एकीकृत युवा नीति लाने की भी घोषणा की है। यह नीति 16 से 35 वर्ष के युवाओं पर केंद्रित होगी। इसमें शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
इससे अलग-अलग युवा योजनाओं को एक व्यापक नीति के तहत जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
छह महीने में एक लाख नियुक्तियों का लक्ष्य
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है। सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
अब अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य बताया गया है। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने पर जोर दिया है।
यूपी पुलिस में भी बड़े रोजगार अवसर
युवाओं के लिए यूपी पुलिस में भी बड़े पैमाने पर भर्ती के अवसर सामने आने की बात कही गई है। कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, होमगार्ड और तकनीकी पदों को मिलाकर एक लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती की योजना का उल्लेख किया गया है।
भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
जेन जी रोजगार योजना पर भी जोर
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जेन जी रोजगार योजना को भी मंजूरी दी गई है। 25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में स्वीकृत इस योजना का विशेष फोकस 18 से 25 वर्ष के प्रथम मतदाता युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है।
छात्रवृत्ति से लाखों छात्रों को मदद
सरकार की योजनाओं में छात्रवृत्ति को भी अहम स्थान दिया गया है। पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के आवेदन 11 अगस्त से शुरू किए गए हैं और इससे 36 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
इसके अलावा सामान्य छात्रवृत्ति पोर्टल को 1 सितंबर से दोबारा खोला गया है। सरकार का लक्ष्य पहले लाभ से वंचित रह गए 3.16 लाख छात्रों को 2 अक्टूबर तक भुगतान करने का है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी डिजिटल व्यवस्था
2 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स कर्मचारी निगम की शुरुआत की। इसके जरिए प्रदेश के करीब 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
भर्ती से लेकर वेतन तक की प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल पर मॉनिटर किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे बिचौलियों की भूमिका और कर्मचारियों के वेतन में होने वाली अनावश्यक कटौती को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही EPF और ESI समय पर जमा कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए दुर्घटना की स्थिति में 20 से 50 लाख रुपये तक का बीमा, आग लगने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता, इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक और मृत्यु की स्थिति में 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान भी बताया गया है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की इन पहलों का फोकस युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला, उद्यमी और तकनीक आधारित काम करने वाला युवा बनाने पर दिखाई देता है। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक असर इनके जमीनी क्रियान्वयन और पात्र युवाओं तक लाभ पहुंचने पर निर्भर करेगा।

