अब ऑस्ट्रेलिया जाने की जरूरत नहीं! Victoria University भारत में शुरू करेगी पढ़ाई, गुरुग्राम बना पहला कें
ऑस्ट्रेलिया की मशहूर विक्टोरिया यूनिवर्सिटी को भारत में कैंपस खोलने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से आधिकारिक मंज़ूरी मिल गई है। यह कैंपस दिल्ली-NCR इलाके के गुरुग्राम में होगा। इस मंज़ूरी के साथ, यूनिवर्सिटी भारत में अपने एकेडमिक प्रोग्राम शुरू कर सकेगी। इस घोषणा को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शैक्षिक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
**PM मोदी की यात्रा के दौरान मंज़ूरी**
यह मंज़ूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान मिली। मेलबर्न में आयोजित भारत-ऑस्ट्रेलिया सालाना शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने इस फ़ैसले का स्वागत किया। इस मौके पर, ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को मंज़ूरी पत्र सौंपा।
**कौन से कोर्स कराए जाएंगे?**
गुरुग्राम कैंपस छात्रों के लिए कई लोकप्रिय और रोज़गार-उन्मुख कोर्स पेश करेगा। इनमें अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम शामिल होंगे, जैसे कि बिज़नेस, डेटा साइंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, ग्लोबल MBA और मास्टर ऑफ़ एप्लाइड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी। इन कोर्स को पूरा करने वाले छात्रों को एक मान्यता प्राप्त ऑस्ट्रेलियाई डिग्री मिलेगी।
**यूनिवर्सिटी द्वारा दी गई जानकारी**
यूनिवर्सिटी का कहना है कि उसका मकसद यहां के छात्रों को वैसा ही शैक्षिक अनुभव देना है जैसा उसके ऑस्ट्रेलियाई कैंपस में मिलता है। ऐसा करने के लिए, यूनिवर्सिटी अपने खास 'ब्लॉक मॉडल' का इस्तेमाल करके क्लास चलाएगी। इस मॉडल के तहत, छात्र एक समय में सिर्फ़ एक विषय पर ध्यान देंगे। छोटी क्लास, नियमित मूल्यांकन और प्रैक्टिकल लर्निंग की व्यवस्था के ज़रिए छात्रों की समझ और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया जाएगा।
**छात्रों को क्या फ़ायदे होंगे?**
यूनिवर्सिटी ने यह भी घोषणा की है कि भारत में पढ़ने वाले छात्रों को सेमेस्टर एक्सचेंज, ट्रांसफर और मेलबर्न कैंपस में उच्च शिक्षा के भविष्य के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, योग्य छात्रों को हर साल ₹3 लाख तक की मेरिट-बेस्ड स्कॉलरशिप दी जाएगी। विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया की प्रो-वाइस-चांसलर प्रोफ़ेसर करेन डोड ने कहा कि मंज़ूरी मिलने के बाद, यूनिवर्सिटी अब छात्रों के पहले बैच का स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संस्थान का मकसद ऐसा माहौल देना है जहां छात्र नई टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री की ज़रूरतों की समझ और ज़रूरी प्रोफेशनल स्किल्स से लैस होकर सफल करियर बना सकें।
इस बीच, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) अभिषेक शर्मा ने बताया कि कैंपस के लिए कई महीनों से तैयारी चल रही थी। यहाँ आधुनिक क्लासरूम, स्टूडेंट सपोर्ट सर्विस, इंडस्ट्री से जुड़ाव और करियर गाइडेंस जैसी सुविधाएँ दी जाएँगी, जिससे छात्र भारत में ही ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी जैसा माहौल अनुभव कर सकेंगे। लगभग 110 साल के इतिहास वाली विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में दुनिया भर से करीब 52,000 छात्र पढ़ते हैं। भारत में इस कैंपस के शुरू होने से दोनों देशों के बीच एकेडमिक, रिसर्च और एजुकेशनल सहयोग और मज़बूत होने की उम्मीद है। यह कदम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगा, जो भारत में वर्ल्ड-क्लास हायर एजुकेशन देने पर ज़ोर देती है।

