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खराब कम्युनिकेशन से हाथ से निकल रही है मनपसंद नौकरी? अपनाएं ये 5 आसान हैक्स, इंटरव्यू में झट से बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

खराब कम्युनिकेशन से हाथ से निकल रही है मनपसंद नौकरी? अपनाएं ये 5 आसान हैक्स, इंटरव्यू में झट से बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अच्छी नौकरी पाने के लिए सिर्फ डिग्री और नॉलेज होना काफी नहीं है। इंटरव्यू में आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स, कॉन्फिडेंस और बॉडी लैंग्वेज भी काफी मायने रखती है।

कई बार उम्मीदवार के पास अच्छी डिग्री और पर्याप्त नॉलेज होती है, लेकिन इसके बावजूद वह इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाता। इसकी एक बड़ी वजह अपनी बात को सही और प्रभावी तरीके से सामने न रख पाना हो सकती है।

अगर आप भी इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ आसान तरीकों से अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं।

इंटरव्यू को जंग न समझें

सबसे पहले इंटरव्यू को लेकर अपनी सोच बदलें। बहुत से उम्मीदवार इंटरव्यू को किसी परीक्षा या जंग की तरह लेते हैं और इसी वजह से शुरुआत से ही तनाव में रहते हैं।

आपको इसे एक सामान्य बातचीत की तरह लेने की कोशिश करनी चाहिए। रिलैक्स रहेंगे तो सवालों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और जवाब भी ज्यादा सहजता से दे पाएंगे।

अगर इंटरव्यूअर माहौल को हल्का करने के लिए कोई सामान्य या मजाकिया बात करता है, तो उसका सकारात्मक तरीके से जवाब दें। एक स्वाभाविक मुस्कान भी आपकी घबराहट कम कर सकती है।

छोटी-सी मुस्कान बनाएगी पॉजिटिव इमेज

इंटरव्यू के दौरान आपकी पहली छाप काफी महत्वपूर्ण होती है। इसका मतलब यह नहीं कि आपको पूरे समय मुस्कुराते रहना है, बल्कि बातचीत के दौरान स्वाभाविक और सहज व्यवहार रखना जरूरी है।

सही समय पर हल्की मुस्कान आपको आत्मविश्वासी और पॉजिटिव दिखा सकती है। इससे इंटरव्यूअर के साथ बेहतर कनेक्शन बनाने में भी मदद मिलती है।

कम कॉन्फिडेंस से बचें

कई उम्मीदवारों के पास अच्छी नॉलेज होती है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं होता। इसका असर उनके जवाब, आवाज और बॉडी लैंग्वेज में साफ नजर आ सकता है।

इंटरव्यू के दौरान सीधे बैठें, इंटरव्यूअर से सामान्य आई कॉन्टैक्ट बनाए रखें और सवाल का जवाब स्पष्ट आवाज में दें। बहुत तेज बोलने या लगातार नीचे देखने से बचें।

याद रखें, कॉन्फिडेंस का मतलब ओवरकॉन्फिडेंट होना नहीं, बल्कि अपनी क्षमता पर भरोसा रखना है।

इंटरव्यूअर को सहज तरीके से समझें

घबराहट कम करने का एक तरीका यह भी है कि इंटरव्यूअर को केवल जज करने वाले व्यक्ति के तौर पर न देखें। इसे एक प्रोफेशनल बातचीत की तरह लें।

जब आप खुद को सहज महसूस करेंगे, तो अपनी बात ज्यादा स्पष्ट तरीके से रख पाएंगे। इससे आपके जवाब भी ज्यादा नेचुरल और प्रभावी लगेंगे।

इंटरव्यू से पहले जरूर करें प्रैक्टिस

कई उम्मीदवारों को अपने काम और अनुभव की पूरी जानकारी होती है, लेकिन जब इंटरव्यू में उनसे उसी के बारे में सवाल पूछा जाता है तो वे उसे ठीक से समझा नहीं पाते।

इसलिए इंटरव्यू से पहले अपने प्रोजेक्ट्स, अनुभव, स्किल्स और उपलब्धियों को आसान भाषा में समझाने की प्रैक्टिस करें।

आप दोस्तों या परिवार के किसी सदस्य के साथ मॉक इंटरव्यू कर सकते हैं। इसके अलावा अपने जवाब रिकॉर्ड करके सुनना भी काफी मददगार हो सकता है। इससे आपको पता चलेगा कि आप कहां ज्यादा तेज बोल रहे हैं या कहां जवाब स्पष्ट नहीं है।

दिखावा करने की कोशिश न करें

इंटरव्यूअर को प्रभावित करने के लिए ऐसे कठिन टेक्निकल शब्दों का इस्तेमाल न करें जिन्हें आप खुद पूरी तरह नहीं समझते।

अगर इंटरव्यूअर ने उस विषय पर आगे सवाल पूछ दिया और आप जवाब नहीं दे पाए, तो इसका उल्टा असर पड़ सकता है।

इसलिए उन्हीं टेक्निकल टर्म्स और कॉन्सेप्ट्स का इस्तेमाल करें जिनकी आपको अच्छी समझ है। अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता, तो गलत जानकारी देने के बजाय ईमानदारी से यह स्वीकार करना बेहतर है कि आपको उस विषय की पूरी जानकारी नहीं है।

साफ और स्पष्ट बातचीत है सफलता की कुंजी

कम्युनिकेशन स्किल सिर्फ नौकरी के इंटरव्यू के लिए ही जरूरी नहीं है। नौकरी मिलने के बाद भी टीम के साथ काम करने, क्लाइंट से बात करने और अपने विचार समझाने में इसकी बड़ी भूमिका होती है।

इसलिए इंटरव्यू की तैयारी करते समय सिर्फ अपनी डिग्री और टेक्निकल नॉलेज पर ध्यान न दें। कॉन्फिडेंस, बॉडी लैंग्वेज और कम्युनिकेशन स्किल्स पर भी लगातार काम करें।

क्योंकि इंटरव्यू में सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आपको कितना आता है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि आप जो जानते हैं, उसे कितनी आसानी और प्रभावी तरीके से सामने रख पाते हैं।

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