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IIT Jodhpur Fellowship: PhD वालों के लिए शानदार मौका, हर महीने 80 हजार रुपये की फेलोशिप
 

IIT Jodhpur Fellowship: PhD वालों के लिए शानदार मौका, हर महीने 80 हजार रुपये की फेलोशिप

पीएचडी पूरी करने के बाद रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जोधपुर (IIT Jodhpur) ने पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इस प्रोग्राम के जरिए उम्मीदवारों को संस्थान के विभिन्न विभागों, स्कूलों और सेंट्रल रिसर्च फैसिलिटीज में उच्च स्तर के शोध पर काम करने का अवसर मिलेगा.
खास बात यह है कि इस फेलोशिप के लिए सिर्फ भारतीय नागरिक ही नहीं, बल्कि विदेशी नागरिक, भारतीय मूल के लोग और OCI कार्ड होल्डर्स भी पात्र हैं.
हर महीने मिलेगी 80 हजार रुपये की फेलोशिप
IIT जोधपुर के पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम में चयनित उम्मीदवारों को 80,000 रुपये प्रति माह की कंसोलिडेटेड फेलोशिप दी जाएगी.
अच्छे प्रदर्शन करने वाले फेलो के लिए इसमें हर साल अधिकतम 10 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रावधान भी रखा गया है. इसके अलावा रिसर्च से संबंधित खर्चों के लिए सालाना 50,000 रुपये की कंटिंजेंसी भी उपलब्ध होगी.
इस राशि का इस्तेमाल रिसर्च वर्क से जुड़े खर्चों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप और जरूरी रिसर्च सामग्री आदि के लिए किया जा सकता है.


हॉस्टल से लेकर यात्रा खर्च तक की सुविधा
फेलोशिप के साथ चयनित उम्मीदवारों को IIT जोधपुर कैंपस में हॉस्टल की सुविधा भी मिल सकती है. हालांकि हॉस्टल उपलब्धता के आधार पर दिया जाएगा और इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा.
इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को टू-टियर एसी ट्रेन का किराया भी नियमों के अनुसार दिया जाएगा. फेलो को हर साल कुल 30 दिन की छुट्टी का प्रावधान है, यानी हर महीने 2.5 दिन के हिसाब से छुट्टी जमा होगी.
IIT जोधपुर से PhD करने वाले नहीं कर सकेंगे आवेदन
इस फेलोशिप के लिए एक महत्वपूर्ण पात्रता शर्त भी है. जिन उम्मीदवारों ने अपनी PhD की डिग्री IIT जोधपुर से ही हासिल की है, वे इस इंस्टीट्यूट पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकते.
इसका उद्देश्य संस्थान के बाहर से शोधकर्ताओं को भी रिसर्च प्रोग्राम से जोड़ना है.


फेलो को क्या काम करना होगा?
चयनित उम्मीदवारों को संबंधित फैकल्टी मेंटर के मार्गदर्शन में रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करना होगा. उन्हें एडवांस रिसर्च, लैबोरेटरी कैरेक्टराइजेशन और जरूरत के अनुसार टीचिंग सपोर्ट जैसी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं.
फेलो के काम का नियमित मूल्यांकन भी किया जाएगा. इसके लिए हर साल Performance Assessment Committee उनके रिसर्च और अकादमिक प्रदर्शन की समीक्षा करेगी. इसी मूल्यांकन के आधार पर फेलोशिप को आगे जारी रखने और निर्धारित नियमों के तहत इसमें बढ़ोतरी का फैसला लिया जा सकता है.
रिसर्च करियर के लिए उपयोगी अवसर
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप उन PhD धारकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो आगे चलकर अकादमिक, रिसर्च या उच्च स्तरीय वैज्ञानिक क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं. IIT जोधपुर जैसे संस्थान में काम करने से उम्मीदवारों को आधुनिक रिसर्च सुविधाओं और विशेषज्ञ फैकल्टी के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है.
इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले IIT जोधपुर की आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तारीख जरूर जांच लें.
 

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