Delhi Guest Teachers Salary: गेस्ट टीचर्स की सैलरी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव, PGT को ₹76,160 और TGT को ₹71,840 महीने मिलने की उम्मीद
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले 20 हजार से अधिक गेस्ट टीचर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने गेस्ट टीचर्स के मानदेय में बदलाव करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत मौजूदा दैनिक भुगतान व्यवस्था की जगह फिक्स्ड मंथली सैलरी देने की योजना है। प्रस्ताव लागू होने पर पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और प्राइमरी टीचर (PRT) के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय ने 15 अक्टूबर 2026 को तैयार किए गए संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के पास भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर इसे 1 नवंबर 2026 से लागू करने की योजना बताई गई है। हालांकि, फिलहाल यह प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम निर्णय वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही होगा।
PGT, TGT और PRT को कितना मिल सकता है मानदेय?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गेस्ट टीचर्स के मानदेय को बेसिक पे और 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर तय करने की योजना है। इससे अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों को हर महीने निर्धारित राशि मिल सकेगी।
• PGT शिक्षक: ₹76,160 प्रतिमाह
• TGT शिक्षक: ₹71,840 प्रतिमाह
• PRT शिक्षक: ₹56,640 प्रतिमाह
ये राशियां प्रस्ताव में बताए गए वेतन ढांचे के अनुसार हैं। शिक्षकों को मकान किराया भत्ता (HRA) या अन्य अतिरिक्त भत्ते देने का प्रावधान इस प्रस्ताव में शामिल नहीं बताया गया है। महंगाई भत्ते में भविष्य में होने वाले बदलाव का असर मानदेय पर पड़ सकता है।
अभी कैसे मिलता है गेस्ट टीचर्स को भुगतान?
फिलहाल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गेस्ट टीचर्स को उपस्थिति के आधार पर प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में दैनिक मानदेय लगभग 1,000 रुपये बताया गया है। ऐसे में छुट्टियों या अनुपस्थिति के कारण महीने में काम के दिनों की संख्या कम होने पर कुल भुगतान भी प्रभावित हो सकता है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य दैनिक भुगतान की जगह निश्चित मासिक मानदेय देना है, जिससे शिक्षकों को हर महीने अधिक स्थिर आय मिल सके।
छुट्टी लेने पर क्या होगा?
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, गेस्ट टीचर्स को एक वित्तीय वर्ष में आठ दिन की कैजुअल लीव मिल सकती है। इन छुट्टियों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार करना होगा। बची हुई छुट्टियां अगले वित्तीय वर्ष में आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी।
निर्धारित छुट्टियों से अधिक अनुपस्थित रहने पर मासिक मानदेय में प्रतिदिन के हिसाब से कटौती की जा सकती है। इसलिए शिक्षकों को उपस्थिति और अवकाश से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भी मिल सकता है भुगतान
इस प्रस्ताव की एक अहम विशेषता स्कूलों की गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान मानदेय से जुड़ी है। जानकारी के मुताबिक, जो गेस्ट टीचर्स गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से ठीक पहले लगातार कार्यरत रहे होंगे, उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत अवकाश अवधि में भी फिक्स्ड मंथली सैलरी मिल सकती है।
यदि छुट्टियों के दौरान शिक्षकों से प्रवेश प्रक्रिया, अतिरिक्त कक्षाओं या अन्य सरकारी कामों में सेवाएं ली जाती हैं, तो इसके लिए अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान भी प्रस्ताव में शामिल बताया गया है।
क्या गेस्ट टीचर्स नियमित हो जाएंगे?
फिक्स्ड मंथली सैलरी लागू होने से गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति का स्वरूप नहीं बदलेगा। वे संविदा के आधार पर ही काम करते रहेंगे। प्रस्ताव से उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा मिलने या नियमितीकरण का स्वतः कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति स्वीकृत रिक्त पदों के आधार पर की जाती है और वे स्कूलों में नियमित शिक्षकों की तरह शिक्षण कार्य करते हैं।
शिक्षक संगठनों ने किया पहल का स्वागत
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने मानदेय बढ़ाने की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग लंबित थी। ऐसे में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से हजारों शिक्षकों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
अब शिक्षकों की नजर दिल्ली सरकार के वित्त विभाग के फैसले पर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो निर्धारित तारीख से नई भुगतान व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल शिक्षकों को अंतिम आदेश जारी होने का इंतजार करना होगा।

