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Bihar DGP Preeta Verma: पहली महिला IPS के हाथ में बिहार पुलिस की कमान, जानें देश में महिला पुलिसकर्मियों की स्थिति
 

Bihar DGP Preeta Verma: पहली महिला IPS के हाथ में बिहार पुलिस की कमान, जानें देश में महिला पुलिसकर्मियों की स्थिति

बिहार पुलिस के इतिहास में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है. 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP विनय कुमार की गैरमौजूदगी में बिहार पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. गृह विभाग के आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक रहेगी. विनय कुमार के अवकाश से लौटने के बाद प्रीता वर्मा का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा.

प्रीता वर्मा फिलहाल बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की DG हैं. अतिरिक्त जिम्मेदारी के दौरान वह इस पद के साथ DGP का काम भी संभालेंगी. इस नियुक्ति के साथ वह बिहार पुलिस की कमान संभालने वाली पहली महिला IPS अधिकारी बन गई हैं.

कौन हैं प्रीता वर्मा?
प्रीता वर्मा बिहार कैडर की 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं. पुलिस सेवा में लंबे अनुभव के बाद वह वर्तमान में DG, होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा के पद पर हैं. अब DGP विनय कुमार के 21 दिन के अवकाश के दौरान उन्हें पुलिस मुख्यालय और DGP पद से जुड़े प्रमुख दायित्वों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
विनय कुमार का अवकाश 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक स्वीकृत किया गया है. गृह विभाग के अनुसार उनके अवकाश के दौरान पुलिस प्रशासन के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है.

बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी
प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी भी चर्चा में है. उपलब्ध पुराने पुलिस आंकड़ों के मुताबिक बिहार उन राज्यों में रहा है जहां पुलिस बल में महिलाओं की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत अधिक रही है.
बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी बढ़ाने में आरक्षण की नीति को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. राज्य में पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण लागू किया गया था, जिसके बाद पुलिस बल में महिलाओं की संख्या बढ़ी.
हालांकि यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए. महिलाओं की हिस्सेदारी प्रतिशत और महिला पुलिसकर्मियों की कुल संख्या अलग-अलग आंकड़े हैं. बड़े राज्यों में कुल महिला पुलिसकर्मियों की संख्या अधिक हो सकती है, जबकि छोटे राज्य प्रतिशत हिस्सेदारी के मामले में आगे हो सकते हैं.

देशभर में महिला पुलिसकर्मियों की कितनी संख्या है?
India Justice Report 2025 के आंकड़ों के अनुसार देश की पुलिस व्यवस्था में कुल 2,42,835 महिलाएं कार्यरत हैं. इनमें 960 महिलाएं IPS स्तर पर हैं, जबकि 24,322 महिलाएं गैर-IPS अधिकारी रैंक पर हैं. सबसे बड़ी संख्या कांस्टेबुलरी में है, जहां 2,17,553 महिलाएं कार्यरत हैं.
इस आंकड़े से यह भी पता चलता है कि पुलिस बल में कार्यरत महिलाओं का बड़ा हिस्सा कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल स्तर पर है. वरिष्ठ IPS स्तर पर महिलाओं की संख्या अभी काफी कम है. India Justice Report के मुताबिक किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने पुलिस में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं किया है.
पुलिस थानों में बढ़ी महिला हेल्प डेस्क की मौजूदगी
महिलाओं के लिए पुलिस सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से देशभर के थानों में Women Help Desk भी स्थापित किए गए हैं. India Justice Report 2025 के अनुसार करीब 83 फीसदी पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क मौजूद हैं.

केंद्र सरकार के एक हालिया आंकड़े के मुताबिक देशभर में 14,649 Women Help Desks स्थापित किए जा चुके हैं. इन हेल्प डेस्क का उद्देश्य पुलिस थाने पहुंचने वाली महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और सहायता लेने के लिए अधिक अनुकूल व्यवस्था उपलब्ध कराना है.
महिला IPS नेतृत्व के लिहाज से क्यों अहम है यह बदलाव?
प्रीता वर्मा को अतिरिक्त DGP प्रभार मिलना बिहार पुलिस के लिए इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि राज्य पुलिस के शीर्ष पद की जिम्मेदारी पहली बार किसी महिला IPS अधिकारी ने संभाली है. हालांकि यह फिलहाल अतिरिक्त और अस्थायी प्रभार है, जो DGP विनय कुमार के अवकाश की अवधि तक लागू रहेगा.
देशभर में पुलिस बल में महिलाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद वरिष्ठ पदों पर उनकी मौजूदगी अभी कम है. ऐसे में बिहार में एक वरिष्ठ महिला IPS अधिकारी को राज्य पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी मिलना महिला नेतृत्व और पुलिस प्रशासन में प्रतिनिधित्व के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है.
 

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