NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव संभव! ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड की मांग तेज, पेपर लीक रोकने को एक्सपर्ट कमेटी के बड़े सुझाव
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के आरोपों के बाद अब NEET को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए अब तकनीकी बदलाव बेहद जरूरी हो गए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के कई मामले सामने आए हैं। NEET परीक्षा को लेकर भी देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। इसी बीच केंद्र सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की सिफारिश की है।
विशेषज्ञ समिति का मानना है कि NEET जैसी बड़ी परीक्षा को पूरी तरह डिजिटल या हाइब्रिड मोड में आयोजित करने से पेपर लीक की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। कमेटी ने सुझाव दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित कंप्यूटर आधारित टेस्टिंग सिस्टम लागू किया जाए, जिससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनी रहे और मानव हस्तक्षेप कम हो।
रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सपर्ट पैनल ने परीक्षा प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। इसमें फेस रिकग्निशन, लाइव मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र वितरण जैसी तकनीकों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे फर्जी उम्मीदवारों और संगठित नकल गिरोहों पर लगाम लगाने में मदद मिल सकती है।
कमेटी ने यह भी कहा है कि हाइब्रिड मॉडल अपनाने से छात्रों को सुविधा मिल सकती है। इस मॉडल में कुछ हिस्से ऑनलाइन और कुछ ऑफलाइन आयोजित किए जा सकते हैं। इससे परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम होगी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

