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B.Ed, BTC या D.El.Ed? यूपी में टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री है जरूरी, अप्लाई करने से पहले दूर करें हर कंफ्यूजन!

B.Ed, BTC या D.El.Ed? यूपी में टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री है जरूरी, अप्लाई करने से पहले दूर करें हर कंफ्यूजन!

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। राज्य में माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के प्राइमरी सेक्शन यानी कक्षा 1 से 5 में असिस्टेंट टीचर की भर्ती के नियमों में बदलाव किया गया है।

नए नियमों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि B.Ed, BTC और D.El.Ed में से किन अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिलेगा? संशोधित नियमों के मुताबिक प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षक बनने के लिए अब संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता और TET को लेकर पात्रता पूरी करना जरूरी होगा।

प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?

संशोधित नियमों के अनुसार उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास NCTE से मान्यता प्राप्त BTC या D.El.Ed की योग्यता भी जरूरी होगी।

सिर्फ ग्रेजुएशन और शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री होना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवार को संबंधित TET परीक्षा पास करना भी जरूरी होगा।

यानी सामान्य तौर पर तीन प्रमुख योग्यताएं सामने आती हैं:

  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Graduation
  • BTC या D.El.Ed की योग्यता
  • कक्षा 1 से 5 के लिए मान्य TET पास

इन शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी संबंधित भर्ती में पात्र हो सकते हैं।

B.Ed वालों के लिए क्या बदला?

नए नियमों के बाद B.Ed अभ्यर्थियों के बीच भी असमंजस पैदा हुआ है। पुराने प्रावधानों में ऐसी स्थिति का उल्लेख था कि यदि BTC प्रशिक्षित उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते थे, तो कुछ परिस्थितियों में B.Ed योग्यता वाले अभ्यर्थियों को भी मौका दिया जा सकता था।

लेकिन संशोधित नियमों में प्राथमिक शिक्षक पद के लिए BTC और D.El.Ed जैसी प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण योग्यताओं को स्पष्ट रूप से रखा गया है।

इसलिए केवल B.Ed की डिग्री के आधार पर कक्षा 1 से 5 के इन पदों के लिए पात्रता मान लेना सही नहीं होगा। भर्ती का अंतिम पात्रता मानदंड संबंधित विज्ञापन और लागू नियमों के अनुसार ही तय होगा।

BTC और D.El.Ed वालों को क्या करना होगा?

अगर किसी अभ्यर्थी के पास Graduation के साथ BTC या D.El.Ed है, तो उसे संबंधित TET की पात्रता भी पूरी करनी होगी।

यानी सिर्फ BTC या D.El.Ed कर लेने से शिक्षक भर्ती में सीधे आवेदन का अधिकार नहीं मिल जाएगा। उम्मीदवार को भर्ती के लिए निर्धारित अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

TET भी जरूरी

प्राइमरी सेक्शन में शिक्षक बनने के लिए Teacher Eligibility Test यानी TET महत्वपूर्ण योग्यता होगी।

मान्य TET वही होगी जिसे संबंधित नियमों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार या भारत सरकार द्वारा आयोजित/मान्यता प्राप्त किया गया हो। इसलिए अभ्यर्थियों को भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी होने पर TET की स्वीकार्यता से जुड़ी शर्तें जरूर देखनी चाहिए।

आसान भाषा में समझें

अगर आप यूपी में कक्षा 1 से 5 के शिक्षक पद की तैयारी कर रहे हैं तो मुख्य रूप से यह कॉम्बिनेशन ध्यान में रखें:

Graduation + BTC/D.El.Ed + TET = संशोधित नियमों के अनुसार मुख्य पात्रता

वहीं सिर्फ Graduation + B.Ed होने पर इन प्राइमरी पदों के लिए पात्रता मान लेना सही नहीं होगा।

आगे की भर्तियों पर पड़ेगा असर

इन नियमों में बदलाव का असर आने वाली शिक्षक भर्तियों में देखने को मिल सकता है। खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण है जो प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन और उसमें दी गई शैक्षणिक योग्यता जरूर जांचें, क्योंकि पद, TET, प्रशिक्षण योग्यता और अन्य शर्तें भर्ती विज्ञापन के अनुसार स्पष्ट की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर समय-समय पर शिक्षा और भर्ती से जुड़े निर्णय तथा सूचनाएं जारी की जाती हैं।

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