देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच अब उत्तर प्रदेश के स्कूलों में भी गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है। दिल्ली के बाद यूपी के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में जल्द समर वेकेशन शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग के फैसले के अनुसार प्रदेश के लाखों छात्रों को करीब 27 दिनों की छुट्टी मिलेगी।
भीषण गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि बच्चों को तेज तापमान और लू से बचाया जा सके। पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है।
कब से शुरू होंगी छुट्टियां?
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां मई के आखिरी सप्ताह से शुरू होकर जून के अंत तक चल सकती हैं। इस दौरान स्कूलों में नियमित कक्षाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
हालांकि कई स्कूलों में प्रशासनिक कार्य और शिक्षकों की जरूरी बैठकें जारी रह सकती हैं। निजी स्कूल अपने स्तर पर अलग शेड्यूल जारी कर सकते हैं।
भीषण गर्मी बनी बड़ी वजह
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत में तापमान और बढ़ सकता है। दोपहर के समय गर्म हवाएं और हीटवेव का खतरा बना हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी बच्चों में डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है। इसी वजह से कई राज्यों में स्कूल टाइमिंग बदलने और छुट्टियां जल्दी घोषित करने के फैसले लिए जा रहे हैं।
अभिभावकों को मिली राहत
गर्मी की छुट्टियों की घोषणा के बाद अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण कई जगहों पर बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही थी।
छात्र अब छुट्टियों के दौरान आराम के साथ-साथ समर कैंप, ऑनलाइन कोर्स और अन्य गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। वहीं कई परिवार छुट्टियों में घूमने की भी योजना बना रहे हैं।
स्कूल खुलने के बाद फिर शुरू होगी पढ़ाई
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल दोबारा निर्धारित तारीख पर खुलेंगे और नया शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू होगा। शिक्षा विभाग की ओर से छुट्टियों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी संबंधित जिलों और स्कूल प्रशासन को भेजी जा रही है।
भीषण गर्मी को देखते हुए आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है तो छुट्टियों की अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

