दुनिया का ऐसा देश, जहां सबके लिए है पढ़ाई फ्री, यूनिवर्सिटीज में नहीं ली जाती फीस, कारण कर देगा हैरान
उच्च शिक्षा प्राप्त करना हर साल महंगा होता जा रहा है। चाहे भारत से डिग्री लें या विदेश से, छात्रों को दोनों ही मामलों में भारी फीस चुकानी पड़ती है। भारत में पढ़ाई करना अभी भी कुछ हद तक सस्ता है, लेकिन विदेश में एडमिशन लेने के बाद हर महीने लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में यह फीस सालाना 20 से 30 लाख रुपए तक है। इन परिस्थितियों में, भारतीय छात्र ऐसे देश में अध्ययन करना चाहते हैं जहां उन्हें कोई फीस न देनी पड़े। अच्छी बात यह है कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां आप मुफ्त में पढ़ाई कर सकते हैं। आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
किस देश में फ्री में होती है पढ़ाई?
जर्मनी दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है जहां निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि जर्मन सरकार न केवल देश के छात्रों को मुफ्त शिक्षा का लाभ देती है, बल्कि विदेशी छात्र भी बिना कोई ट्यूशन फीस दिए यहां पढ़ाई कर सकते हैं। हालाँकि, निःशुल्क शिक्षा की सुविधा केवल सरकारी विश्वविद्यालयों में ही उपलब्ध है। विदेशी छात्रों को यहां अध्ययन करने के लिए पहले निवास परमिट प्राप्त करना होता है, तथा उसके बाद उन्हें जर्मनी में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करनी होती है।
किन विश्वविद्यालयों में आप निःशुल्क अध्ययन कर सकते हैं?
जर्मनी में लगभग 400 सार्वजनिक विश्वविद्यालय हैं और कुल मिलाकर यहां 2000 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। इस प्रकार छात्रों के पास प्रवेश लेने के कई विकल्प हैं। जर्मनी के कुछ शीर्ष सरकारी विश्वविद्यालय निम्नलिखित हैं:
लुडविग मैक्सिमिलियन विश्वविद्यालय
म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय
हीडलबर्ग विश्वविद्यालय
हम्बोल्ट विश्वविद्यालय
फ्रीबर्ग विश्वविद्यालय
ट्यूबिंगन विश्वविद्यालय
आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय
कोलोन विश्वविद्यालय
मुंस्टर विश्वविद्यालय
हैम्बर्ग विश्वविद्यालय
सरकारी विश्वविद्यालयों में ट्यूशन फीस क्यों नहीं ली जाती?
जर्मनी में लोग मानते हैं कि शिक्षा को एक व्यावसायिक उत्पाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने से आर्थिक विकास और कल्याण सुनिश्चित होता है। जर्मनी ने एक कानून भी पारित किया है, जिसके तहत सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को प्रति वर्ष 1,000 यूरो की बहुत मामूली ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी गई है। लेकिन फिर विरोध के बाद 2014 में फिर से ट्यूशन फीस खत्म कर दी गई। इस तरह जर्मनी में मुफ्त में पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया।
जर्मनी में पढ़ाई करने में कितना खर्च आता है?
हालाँकि जर्मनी के सरकारी विश्वविद्यालयों में ट्यूशन फीस नहीं ली जाती, लेकिन यहाँ रहने और खाने का खर्च छात्र को स्वयं वहन करना पड़ता है। जर्मनी में अध्ययन करने के लिए विदेशी छात्रों को सबसे पहले एक ब्लॉक खाता खोलना होगा, जिसमें उन्हें 11,904 यूरो जमा करने होंगे। सरकार यह पैसा विद्यार्थियों के पास रखना चाहती है ताकि वे अपनी शिक्षा और जीवन-यापन का खर्च उठा सकें। सामान्यतः जर्मनी में रहने और खाने की वार्षिक लागत लगभग 1000 यूरो है।
क्या आप पढ़ाई के बाद जर्मनी में रह सकते हैं?
इस प्रश्न का उत्तर हां है। विदेशी छात्रों को अपनी डिग्री प्राप्त करने के बाद जर्मनी में रहने और नौकरी करने की अनुमति है। यहां छात्रों को 18 महीने का निवास परमिट मिलता है, जो उन्हें जर्मनी में रहने और नौकरी खोजने की अनुमति देता है। यह एक प्रकार का 'नौकरी तलाशने वाला वीज़ा' है।

