केंद्र सरकार में 8.23 लाख पद खाली, रक्षा और रेलवे में सबसे ज्यादा वैकेंसी; जानिए किस विभाग में कितने पद
केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में बड़ी संख्या में पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। एक आरटीआई के जवाब में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च 2024 तक केंद्र सरकार के नागरिक कर्मचारियों के लिए 39,23,212 पद स्वीकृत थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 30,99,556 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे। यानी कुल 8,23,656 पद खाली थे। यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 21 फीसदी है।
ये आंकड़े वित्त मंत्रालय की पे रिसर्च यूनिट की ओर से आरटीआई के जवाब में दिए गए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि सबसे ज्यादा रिक्तियां रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठानों और रेलवे में हैं।
रक्षा मंत्रालय में 2.42 लाख से ज्यादा पद खाली
केंद्र सरकार के विभागों में सबसे ज्यादा रिक्तियां रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठानों में सामने आई हैं।रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठानों में कुल 5,56,248 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 3,14,005 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे। इस तरह यहां 2,42,343 पद खाली थे। यह स्वीकृत पदों का करीब 43 फीसदी है।यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ये आंकड़े रक्षा मंत्रालय के नागरिक कर्मचारियों से जुड़े हैं। इनमें सेना, नौसेना और वायुसेना के सैन्य पद शामिल नहीं हैं।
रेलवे में 2.40 लाख से ज्यादा वैकेंसी
रेलवे भी खाली पदों के मामले में सबसे ऊपर है। रेलवे में 14,79,701 पद स्वीकृत थे, जिनमें से 12,39,574 पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे।इस हिसाब से रेलवे में 2,40,125 पद खाली थे।रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठानों और रेलवे को मिला दें तो इन दोनों जगहों पर ही 4.82 लाख से ज्यादा पद रिक्त थे।
गृह मंत्रालय में भी 1.10 लाख से ज्यादा पद खाली
गृह मंत्रालय में 11,18,233 स्वीकृत पदों के मुकाबले 10,07,348 कर्मचारी कार्यरत थे। यानी यहां 1,10,885 पद खाली थे।रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठानों, रेलवे और गृह मंत्रालय को मिलाकर करीब 5.93 लाख रिक्त पद सामने आते हैं। यह केंद्र सरकार के कुल खाली पदों का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है।
डाक विभाग में 61 हजार से ज्यादा पद रिक्त
डाक विभाग में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। यहां कुल 2,53,124 पद स्वीकृत थे, जबकि 61,546 पद रिक्त पाए गए।राजस्व विभाग में 1,79,374 स्वीकृत पदों में से 1,09,712 पर कर्मचारी कार्यरत थे। इस तरह यहां 69,662 पद खाली थे, जो विभाग की कुल स्वीकृत क्षमता का करीब 39 फीसदी है।
परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में भी वैकेंसी
वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े विभाग भी रिक्तियों से अछूते नहीं हैं।
परमाणु ऊर्जा विभाग में 10,234 पद खाली थे।
अंतरिक्ष विभाग में 4,126 पद रिक्त थे।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में 1,681 पद खाली थे।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में 4,592 पद रिक्त थे।
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण से जुड़े विभाग में 3,191 पद खाली थे।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में 1,267 पद रिक्त थे।
पीएमओ और राष्ट्रपति सचिवालय में भी खाली पद
केंद्र सरकार के शीर्ष प्रशासनिक कार्यालयों में भी कुछ पद खाली पाए गए।
राष्ट्रपति सचिवालय में 803 स्वीकृत पदों में से 514 पर कर्मचारी कार्यरत थे। यहां 287 पद खाली थे, यानी कुल स्वीकृत पदों का करीब 35.7 फीसदी।
वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO में 441 स्वीकृत पदों में से 315 पदों पर कर्मचारी थे और 126 पद खाली थे। यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 28.6 फीसदी है।
कानून एवं न्याय मंत्रालय में भी 3,478 स्वीकृत पदों में से 1,267 पद रिक्त थे।
कृषि विभाग में 1,855 पद खाली
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में कुल 5,420 पद स्वीकृत थे। इनमें 3,565 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि 1,855 पद खाली थे।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग में भी 1,378 पद रिक्त थे।
कृषि से जुड़े इन विभागों में रिक्तियां ऐसे समय में महत्वपूर्ण हैं, जब सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार जोर दे रही है।
स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में कितनी वैकेंसी?
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मंत्रालयों में भी कुछ पद खाली हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 27,427 स्वीकृत पदों में से 1,582 पद रिक्त थे। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग में 34 और आयुष विभाग में 233 पद खाली पाए गए।
शिक्षा से जुड़े विभागों में उच्च शिक्षा विभाग में 522 पद, जबकि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में 87 पद रिक्त थे।
पर्यावरण और श्रम विभाग में भी बड़ी कमी
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में 1,957 पद खाली थे। वहीं श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में 2,618 पद रिक्त थे।
इन आंकड़ों से साफ है कि केंद्र सरकार के सिर्फ बड़े मंत्रालयों में ही नहीं, बल्कि कई छोटे और विशेषज्ञता वाले विभागों में भी मानव संसाधन की कमी बनी हुई है।
8.23 लाख खाली पद क्यों महत्वपूर्ण हैं?
केंद्र सरकार के नागरिक कर्मचारियों के लिए स्वीकृत करीब 39.23 लाख पदों में से 8.23 लाख पदों का खाली होना प्रशासनिक क्षमता और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी के लिहाज से महत्वपूर्ण है।खाली पदों की वजह भर्ती प्रक्रिया में देरी, सेवानिवृत्ति के बाद पदों का न भरा जाना, विभागीय पुनर्गठन या अन्य प्रशासनिक कारण हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ रिक्तियों की संख्या देखकर उनके कारण पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।हालांकि, इतने बड़े स्तर पर रिक्तियां यह सवाल जरूर उठाती हैं कि महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को कितनी तेजी से पूरा किया जा रहा है और इन खाली पदों को भरने की सरकार की क्या रणनीति है।
एक नजर में सबसे ज्यादा खाली पद
विभाग खाली पद
रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठान 2,42,343
रेलवे 2,40,125
गृह मंत्रालय 1,10,885
डाक विभाग 61,546
राजस्व विभाग 69,662
परमाणु ऊर्जा विभाग 10,234
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 1,855
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 1,582
अंतरिक्ष विभाग 4,126
कुल मिलाकर, 1 मार्च 2024 तक केंद्र सरकार के नागरिक कर्मचारियों के लिए स्वीकृत 39.23 लाख पदों में से 8.23 लाख पद खाली थे। इनमें रक्षा मंत्रालय के नागरिक प्रतिष्ठान और रेलवे की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है।

