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Varanasi  ग्रीन हाइड्रोजन से होगा नावों का संचालन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, काशी में ईंधन की मांग ज्यादा होने से काफी सफल होगा प्रयोग
 

Varanasi  ग्रीन हाइड्रोजन से होगा नावों का संचालन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, काशी में ईंधन की मांग ज्यादा होने से काफी सफल होगा प्रयोग

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि काशी में नावों का संचालन जल्द ग्रीन हाइड्रोजन से होगा. सीएनजी संचालित नावें भी ग्रीन हाइड्रोजन से चलेंगी. मीडिया से उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है. भारत में मांग ज्यादा होने के कारण यह काफी सफल होगा.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पिछले दिनों ग्रीन हाइड्रोजन पर राष्ट्रीय नीति बनाई है. मंत्रालय इस ऊर्जा स्रोत के उपयोग पर काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों भारत और अमेरिका के बीच ग्रीन हाइड्रोजन कॉरिडोर बनाने पर सहमति बनी है. सूबे के ऊर्जा मंत्री डॉ. एके शर्मा ने कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को लेकर प्रदेश सरकार भी गंभीर है.

सीएनजी बोट रैली को किया रवाना केंद्रीय मंत्री नमो घाट से सीएनजी बोट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि यह बोट रैली दुनिया में भारत की संस्कृति, विरासत और ऊर्जा परिवर्तन का प्रदर्शन है. नावों में सीएनजी का उपयोग होने से नाविकों का जीवन स्तर सुधर रहा है. उन्होंने कहा कि 6 से 8 फरवरी तक बेंगलुरु में इंडिया एनर्जी वीक का आयोजन होना है. इसी कड़ी में बनारस में सीएनजी बोट रैली निकाली गई.
काशी में पांच सौ से ज्यादा सीएनजी नावों का हो रहा संचालन एके शर्मा
नगर विकास मंत्री डॉ. एके शर्मा ने कहा कि साल 2014 के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काशी में तीन मुख्य कार्य हुए स्पष्ट रूप से दिखते हैं. रिंग रोड से बनारस की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है. गंगा में अब 500 से ज्यादा सीएनजी नावों का संचालन हो रहा है. लोग भी सीएनजी व पीएनजी का उपयोग कर रहे हैं. इस दौरान पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन, एडीजी राजीव कुमार जैन, निवर्तमान महापौर मृदुला जायसवाल, कमिश्नर कौशलराज शर्मा, डीएम एस. राजलिंगम आदि मौजूद रहे.
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर शोध
पेट्रोलियम एवं कौशल विकास राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने बताया कि स्वच्छ ईंधन के क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. भारत को ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर शोध हो रहा है. आम लोगों को सस्ती ऊर्जा के साथ पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है.
क्या है ग्रीन हाइड्रोजन
ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा है जो नवीकरणीय (अक्षय) ऊर्जा स्रोतों से मिलती है. इसमें प्रदूषण नहीं होता है, इसीलिए इसे ग्रीन हाइड्रोजन कहते हैं. पर्यावरणविदों का दावा है कि यह ऊर्जा तेल रिफाइनरी, फर्टिलाइजर, स्टील और सीमेंट जैसे भारी उद्योगों को कार्बन मुक्त करने में मदद कर सकती है. कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी काफी मददगार है.


वाराणसी न्यूज़ डेस्क
 

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