विजयराज कुमारी का निधन, वीडियो में देंखे महासतिया में हुआ अंतिम संस्कार; हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार से जुड़ी विजयराज कुमारी का सोमवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन की खबर के बाद उदयपुर में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार उदयपुर के महासतिया में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। इस दौरान बारिश के बीच अंतिम संस्कार की परंपराएं निभाई गईं।विजयराज कुमारी, महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी थीं। उनके अंतिम संस्कार में उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देने के दौरान लक्ष्यराज सिंह भावुक हो गए। परिवार के सदस्यों और वहां मौजूद लोगों के लिए यह बेहद भावुक पल रहा।
शंभू पैलेस से निकली अंतिम यात्रा
अंतिम संस्कार से पहले विजयराज कुमारी की अंतिम यात्रा पूर्व राजपरिवार के आधिकारिक निवास शंभू पैलेस से निकाली गई। करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी इस अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूर्व राजपरिवारों के सदस्यों के साथ आम लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।यात्रा जिस रास्ते से होकर गुजरी, वहां लोगों की भीड़ नजर आई। बड़ी संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर अंतिम दर्शन का इंतजार करते रहे। कई लोग विजयराज कुमारी के निधन से भावुक नजर आए।
रास्ते भर लोगों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने विजयराज कुमारी के पार्थिव शरीर पर फूल बरसाकर श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ दिखाई दी। परिवार के सदस्य भी अंतिम यात्रा में साथ रहे।लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के अलावा उनके पोते और परिवार के अन्य सदस्य भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान परिवार के प्रति लोगों की संवेदनाएं भी देखने को मिलीं।
महासतिया में निभाई गई अंतिम संस्कार की परंपरा
अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को उदयपुर के महासतिया ले जाया गया। यहां करीब 425 साल पुरानी छतरियों के बीच अंतिम संस्कार की परंपराएं निभाई गईं। बारिश के बावजूद अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी की गईं।महासतिया उदयपुर के पूर्व राजपरिवार की अंतिम संस्कार परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल रहा है। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विजयराज कुमारी का अंतिम संस्कार किया गया।विजयराज कुमारी के निधन से मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार और उनसे जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ से यह भी नजर आया कि लोगों के बीच परिवार के प्रति जुड़ाव और सम्मान की भावना बनी हुई है। हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नम आंखों से विदाई दी।

