उदयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य विजयराज कुमारी का निधन, फुटेज में देखें आज महासतियाजी में होगा अंतिम संस्कार
उदयपुर के पूर्व राजपरिवार से जुड़ी विजयराज कुमारी का सोमवार देर रात निधन हो गया। वह लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता थीं और लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन की खबर से उदयपुर में शोक की लहर है। मंगलवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा शंभू निवास पैलेस से शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महासतियाजी पहुंचेगी। यहां राजपरिवार की परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विजयराज कुमारी के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। बारिश के बावजूद लोगों की भीड़ महासतियाजी में जुटी रही। स्थानीय लोगों और राजपरिवार से जुड़े लोगों में उनके निधन को लेकर गहरा दुख देखा गया। अंतिम यात्रा के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे।
विजयराज कुमारी का उदयपुर की शिक्षा और सामाजिक सेवा से भी गहरा जुड़ाव रहा। शहर में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सामाजिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। खास तौर पर महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के विकास में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।
बताया जाता है कि 1980 के दशक में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल को व्यवस्थित और आधुनिक शैक्षणिक स्वरूप देने की दिशा में विजयराज कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी रुचि और योगदान के कारण वह उदयपुर के सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम थीं।
विजयराज कुमारी के पति और उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का भी पिछले साल मार्च में निधन हो गया था। वह भी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पति के निधन के बाद अब विजयराज कुमारी के निधन से मेवाड़ परिवार ने एक और करीबी सदस्य को खो दिया है।
विजयराज कुमारी की अंतिम यात्रा सुबह 8 बजे शंभू निवास पैलेस से रवाना हुई। यात्रा उदयपुर शहर के प्रमुख क्षेत्रों से होकर महासतियाजी पहुंचेगी। राजपरिवार की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया वहीं पूरी की जाएगी।
महासतियाजी पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए थे। बारिश के बावजूद लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। लोगों के बीच विजयराज कुमारी के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान की चर्चा भी रही। राजपरिवार से जुड़े होने के साथ-साथ उन्होंने उदयपुर के सामाजिक जीवन में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी।
विजयराज कुमारी के निधन के बाद उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के समर्थकों और शहरवासियों में शोक का माहौल है। शिक्षा और परोपकार के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किए जाने की उम्मीद है। अंतिम संस्कार के दौरान राजपरिवार की परंपराओं के अनुसार सभी रस्में पूरी की जाएंगी।

