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Udaipur में कस्टडी में बिगड़ी युवक की तबीयत, तीन दिन बाद भी नहीं आया होश, आयोग ने एसपी को लिखा पत्र

Udaipur में कस्टडी में बिगड़ी युवक की तबीयत, तीन दिन बाद भी नहीं आया होश, आयोग ने एसपी को लिखा पत्र

उदयपुर में पुलिस हिरासत में लिए गए 19 वर्षीय युवक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और पिछले तीन दिनों से उन्हें होश नहीं आया है। युवक के सीने में गंभीर चोट आई है। इस मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के लिए एसपी को पत्र लिखा है।

आयोग के सदस्य जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला ने उदयपुर एसपी योगेश गोयल को जांच के आदेश जारी करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में यातनाएं दिए जाने की घटनाएं सभ्य समाज के लिए पीड़ादायक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवाधिकार आयोग के बाध्यकारी आदेशों के बावजूद पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार के मामले सामने आना वरिष्ठ अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। आयोग ने खेरवाड़ा उप एवं अन्य उप स्तर के अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी है।

आपको बता दें कि खेरवाड़ा पुलिस ने डकैती की योजना बनाने के आरोप में अभिषेक मीना को हिरासत में लिया था। रोडवेज कर्मचारी अभिषेक की मां लीलादेवी ने आरोप लगाया है कि उनके इकलौते बेटे को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। उन्होंने बताया कि उनके बेटे के शरीर पर चोट के कई निशान थे और उसका गला भी सूजा हुआ था।

लीलादेवी ने यह भी बताया कि युवक को एमआईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां दो पुलिस कांस्टेबल 24 घंटे उसकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन मास्क अनिवार्य होने के बावजूद वे दोनों बिना मास्क के मरीज के करीब बैठे रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।

पुलिस ने इस पूरे मामले में मारपीट के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि गिरफ्तारी के डर से अभिषेक की तबीयत खराब हुई है। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि अभिषेक फिलहाल वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत गंभीर है। अभिषेक के सीने में चोट आई है, लेकिन चोट कैसे लगी, यह फिलहाल बता पाना संभव नहीं है।

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